MY Hospital Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के एमवाय अस्पताल में पिछले कई सालों से सीटी स्कैन और एमआरआइ का काम देख रही कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर का अनुबंध अस्पताल प्रबंधन से समाप्त हो गया है। पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद के चलते कंपनी ने एमवायएच में कामकाज बंद कर दिया है। जांच बंद होने से मरीजों की परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कंपनी पर लाखों रुपये किराया बकाया है जबकि कंपनी कह रही है कि अस्पताल प्रबंधन ने उसे रियायती दर पर की गई जांचों का लाखों रुपये भुगतान अब तक नहीं किया है। अस्पताल प्रबंधन और कंपनी के बीच चल रही इस खींचतान का असर मरीजों की जांच पर पड़ रहा है। उन्हें निजी सेंटरों पर जांच करवाने जाना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि सालों पहले एमवाय अस्पताल प्रबंधन और कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर में अनुबंध हुआ था। इसके मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने कंपनी को परिसर में किराए पर जगह उपलब्ध करवाई थी और कंपनी को रियायती दर पर मरीजों की जांच करना थी। इस व्यवस्था का फायदा आयुष्मान कार्डधारकों को सीधे-सीधे मिलता था। कंपनी इन मरीजों की जांच करती थी और इसका भुगतान शासन कंपनी को करता था। मरीजों को भटकने के बजाय परिसर में ही जांच की व्यवस्था मिल जाती थी। कंपनी और अस्पताल प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद के बाद जांच बंद है और मरीज भटक रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बहुत जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाएगी।

मंगलवार को चार लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई

इंदौर। मंगलवार को इंदौर में चार लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। इस दिन 278 सैंपलों की जांच की गई। राहत की बात यह है कि मंगलवार को तीन लोगों ने कोरोना को हराया और पूरी तरह से ठीक हुए। इंदौर में कोरोना के उपचाररत मरीजों की संख्या 25 हो गई है। इन सभी मरीजों की स्थिति नियंत्रित है और किसी में भी कोरोना के कोई गंभीर लक्षण नजर नहीं आ रहे। इंदौर में अब तक 38,56,887 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 2,12,393 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से 2,10,899 मरीज पूरी तरह से बीमारी को हराकर ठीक भी हो चुके हैं।

Posted By: Hemraj Yadav

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