Naidunia Gurukul : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नईदुनिया गुरुकुल के तहत इस बार डिजिटल संस्कार की बात की जा रही है। इसके तहत हर सप्ताह ऐसी कहानी प्रकाशित की जा रही है, जिससे बच्चों के साथ समाज के हर व्यक्ति को मोबाइल और इंटरनेट के उपयोग को लेकर सीख मिल रही है। इस बार प्रकाशित कहानी के आधार पर इंदौर के एसडीपीएस और सेन मेरीनो पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोनों स्कूलों में डिजिटल संस्कार पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जानकारी दी। मोबाइल और इंटरनेट के ज्यादा उपयोग से किस तरह का नुकसान हो रहा है, इस बारे में भी शिक्षकों ने विस्तार से बच्चों को जानकारी दी।

एसडीपीएस स्कूल की प्राचार्या प्रतिभा कानूनगो ने विद्यार्थियों को कहा कि नईदुनिया गुरुकुल में प्रकाशित इंटरनेट मीडिया पर बहस के संस्कार कहानी में राखी और प्रिया के पात्र से सीख देने की कोशिश की गई है। इससे शिक्षा मिलती है कि हमें किसी भी विषय के बारे में इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के बजाए पहले परिवार के बड़े सदस्यों की राय लेनी चाहिए। अगर किसी कारण से इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर बहस हो जाती है तो इसे लेकर तनाव न लें।इंटरनेट का तब ही उपयोग किया जाना चाहिए जब बहुत जरूरी हो। पढ़ाई के लिए लैपटाप का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि हमें परिवार के बड़े बुजुर्ग अगर कोई सीख देते हैं तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। परिवार के सदस्यों को भी बच्चों की हर गतिविधि पता होना चाहिए कि उनके जीवन में क्या चल रहा है।

देर रात तक मोबाइल का उपयोग न करें

सेन मेरीनो पब्लिक स्कूल में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कहा कि वे अनिवार्य रूप से नईदुनिया गुरुकुल में प्रकाशित कहानी को पढ़ें और कहानी में मिलने वाली सीख अपने दोस्तों से भी साझा करें। अगर कहानी के बारे में कोई प्रश्न मन में उठता है तो शिक्षकों से इस बारे में बात करें। प्राचार्या हेमा पाटीदार ने बच्चों को कहा कि इंटरनेट मीडिया अब बुद्धि, विवेक और भावना सब को नियंत्रित कर रहा है। इंटरनेट मीडिया पर बहस को देखने और सुनने के बाद नागरिक इसकी चर्चा चाय की दुकान से लेकर दफ्तर तक करते रहते हैं। प्रेम, घृणा, उत्साह के भाव हो अथवा किसी क्षेत्र में कुशलता अर्जित करने की चुनौती हो, सबकी और सारी राहें इंटरनेट मीडिया के बहस संस्कार से होकर गुजरती हैं। ऐसे में इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग बहुत सावधानीपूर्वक करना चाहिए। खासकर 18 वर्ष के छोटे बच्चों को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर प्रोफाइल नहीं बनानी चाहिए। अगर किसी मुसीबत में फंस भी जाते हैं तो इससे घबराए नहीं। हर बात अपने परिवार के सदस्यों और शिक्षकों से साझा करें। मोबाइल का देर रात तक उपयोग न करें। आनलाइन गेम और इंटरटेनमेंट के लिए भी मोबाइल का उपयोग करने से बचना चाहिए।

Posted By: Hemraj Yadav

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