इंदौर। नईदुनिया रिपोर्टर

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की योग अध्ययनशाला में चल रहे छह सप्ताह के योग सर्टिफिकेट कोर्स में हर दिन स्टूडेंट्स योगासनों से जुड़ी वैज्ञानिक बातें सीख रहे हैं। शुक्रवार को कपालभाती से शुरू करते हुए अर्द्घहलासन, उत्तानपादासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, ब्रह्ममुद्रा आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। योग विभागाध्यक्ष डॉ. एसएस शर्मा ने बताया कि बैठकर किए जाने वाले आसनों में हमेशा स्पाइन एकदम सीधी होना चाहिए। इससे किसी भी इंटरनल ऑर्गन पर दबाव नहीं आता है और उनकी कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चलती रहती है। डॉ. शर्मा में किसी आसन को करने की समयावधि और उसके लाभ-हानि की वैज्ञानिक तरीके से व्याख्या की।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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