- आनंदमोहन माथुर सभागार में संस्था 'रंगमंच आर्ट ऑफ ड्रामा' के कलाकारों द्वारा नाटक 'हाय हैंडसम' का मंचन

इंदौर। नईदुनिया रिपोर्टर

'रंगमंच आर्ट ऑफ ड्रामा' के कलाकार नाटक 'हाय हैंडसम' का मंचन पहले भी कर चुके हैं। इसलिए शनिवार शाम आनंदमोहन माथुर में मंचित नाटक में इक्का-दुक्का को छोड़ अमूमन हर कलाकार किरदार के रंग में रंगा नजर आया। खासतौर पर नाटक में नौकर कमाल का रोल निभा रहे ओम कुमार ने अपने कमाल के अभिनय से सबका ध्यान खींचा। एक ऐसा नौकर जो जितने दिन नौकरी पर आता है, उससे ज्यादा दिन की छुट्टियां लेता है। कुछ कहे जाने पर सर्वेंट यूनियन में शिकायत की धमकी देता है, लेट होने पर पूरे हक के साथ ओवर टाइम मांगता है और घर में किसी मेहमान के आने पर एक्स्ट्रा पेमेंट की डिमांड करने में भी नहीं हिचकिचाता है। लेकिन उसके किरदार को मजेदार वो दृश्य बनाते हैं, जिसमें कमाल घर के मालिक कर्नल के बेटे को उसकी ही पत्नी के खिलाफ भड़काता है। उसके द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार से निपटने की तरकीबें सुझाता है और मजे की बात वो ये इतने प्रभावी ढंग से कहता है कि कर्नल का बेटा उसकी बात मानता भी है।

अपनी जिंदगी में उलझे बच्चे और माता-पिता का एकाकी जीवन

संस्था 'मेलोडी फ्यूजन' के बैनर तले मंचित करीब डेढ़ घंटे के नाटक की कहानी जीवनक्रम के अंतिम सोपान पर बुजुर्गों के एकाकीपन और अपनों के रुखे व्यवहार से उपजी उनकी गहरी वेदना को दर्शाती है। नाटक के लेखक जयवर्धन साफ तौर पर संदेश देते हैं कि अगर एकल परिवार के दौर में अगर बच्चों के पास माता-पिता के लिए वक्त नहीं है तो पैरेंट्स को भी अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू करने का अधिकार है। जयवर्धन के इस संदेश को निर्देशक संदीप दुबे प्रभावी प्रस्तुतिकरण के जरिए दर्शकों तक आसानी से पहुंचाने में सफल रहे। उनके निर्देशन में मंचित नाटक की कहानी रिटायर्ड कर्नल के इर्द-गिर्द घूमती है। आधुनिक जीवनशैली में उलझे बहू-बेटे विधुर कर्नल का खयाल नहीं रखते हैं। पहले वो उन्हें समझाने की कोशिश करते हैं, मगर जब बेटे-बहू के कानों पर जूं नहीं रेंगती तो वो अपने लिए नई राह चुन लेते हैं। कर्नल की भूमिका में संदीप खुद नजर आए, जबकि अन्य किरदार ओम कुमार, अर्चिता जौहरी, आदित्य बरोड़े, अश्विनी दीक्षित और अजहर कुरेशी जैसे कलाकारों ने निभाए।

(फोटो : नीलेश होलकर)