- दो दिनी जेपी-लोहिया समागम संपन्न, आयोजन के तहत जीवन को बेहतर बनाने की सीख देती किताब का लोकार्पण

इंदौर। नईदुनिया रिपोर्टर

जन्म और मृत्यु के बीच जीवन की यात्रा के दौरान हम सभी सुख-दुख के कई पड़ावों से गुजरते हैं। इस यात्रा में हमें कभी बैर के बंजर मिलते हैं तो कभी प्यार के खूबसूरत गुल खिलते हैं। कभी तपती दोपहरी में ऊंचाइयों की ओर चढ़ने का श्रम करना पड़ता है तो कभी मेहनत के सहारे जिंदगी पुरसुकून ढंग से गुजरने का सुख मिलता है। जिंदगी हमारे खूब इम्तेहान लेती है और फिर मेहनत और निष्ठा के मुताबिक पर्याप्त पद, प्रतिष्ठा, यश और कीर्ति भी देती है। बस हमें रिश्तों में अपनापन और व्यवहार में संतुलन रखना चाहिए। इससे जीवन का सफरनामा संवरता चला जाएगा।

जीवटता है जीवन का निचोड़

ये बात शनिवार सुबह अग्रसेन भवन में आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवी रामबाबू अग्रवाल ने किताब 'सफरनामा' के विमोचन समारोह में कही। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती और राममनोहर लोहिया के पुण्यतिथि प्रसंग के मौके पर आयोजित जेपी-लोहिया समागम के तहत हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जीवन का निचोड़ जीवटता में समाहित है। विपरीत परिस्थितियों का आप जितनी जीवटता से सामना करेंगे जीवन उतना ही आनंदमय, प्रेममय और सफल बनेगा।

सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है सफरनामा

कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कहा कि अग्रवालजी का ये सफरनामा हमें हर हाल में अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने के लिए प्रेरित करता है। वहीं अग्रवाल समूह के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने भी माना कि हमें विविधता पूर्ण समाज में रहकर समाजवादी व्वयस्था का हिमायती बने रहना आसान नहीं है। लेकिन नीयत में ईमानदारी हो तो तमाम दिक्कतें अपनेआप दूर हो जाती हैं। इस मौके पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति रेणु जैन, ग्वालियर विवि के पूर्व कुलपति रमाशंकर सिंह, डॉ. सुनीलम, कल्याण जैन, बाबूभाई महिदपुरवाला, प्रो. राम और राजेश अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य अतिथि मौजूद थे।

(फोटो : नीलेश होलकर)