- गांधीजी की 150वीं जयंती पर हुई 'लोक संस्कृति मंच' द्वारा नृत्य नाटिका का मंचन

इंदौर। नईदुनिया रिपोर्टर

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जन्म जयंती वर्ष पर जारी कार्यक्रमों के तहत शनिवार शाम लोकमान्य नगर स्थित मंगल भवन परिसर में एक खास कार्यक्रम 'सत्य-स्पंदन' आयोजित किया गया। 'लोक संस्कृति मंच' के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में नृत्यांगनाओं ने नृत्य नाटिका के माध्यम से बापू के जीवन और उनके दर्शन का सुंदर प्रदर्शन किया। 'कलार्थी आर्टिस्ट एसोसिएशन, मध्य भारत' के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में दांडी मार्च समेत गांधीजी के जीवन चरित्र को चित्रण किया गया। उनके द्वारा खुद के लिए बनाए गए नियमों को नृत्यनाटिका में खासतौर पर दर्शाया गया।

अहिंसा परमो धर्म

नृत्यनाटिका के दौरान नृत्यांगनाओं ने हिंसा और अहिंसा के अंतर को बड़ी खूबी से दर्शाया। इसके जरिए गांधीजी के 'सत्य' और 'अहिंसा' के सिद्धांत को उद्धृत करते हुए 'अहिंसा परमो धर्म' का संदेश दिया गया। कस्तूरबा गांधी की भी 150वीं जयंती के मद्देनजर उन्हें भी नृत्यनाटिका में खास स्थान दिया गया। गांधीजी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम के उनके संघर्ष में कस्तूरबा के सहयोग को विशेष रूप से चिन्हित किया गया। इस मौके पर बांसुरी वादक आलोक वाजपेई ने बांसुरी पर भक्ति रचनाओं की सुरीली लहरियां बिखेरकर माहौल को सकारात्मता और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत कर दिया।

चरखे के सूत की ज्वेलरी और गांधीजी के चित्रों का प्रदर्शन

कार्यक्रम के दौरान निखिल दवे ने गांधीजी के प्रेरक विचारों को शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस मौके पर चरखे से बने सूत की ज्वेलरी का प्रदर्शन भी यहां पर किया गया। कलार्थी के कलाकारों द्वारा गांधीजी की चुनिंदा पेंटिंग्स भी कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित की गईं। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुई। कलाकारों का स्वागत सतीश शर्मा, दीपक, लवंगड़े, कंचन गिदवानी आदि ने किया। संचालन की जिम्मेदारी पल्लवी बेंद्रे ने निभाई। आभार एकता मेहता ने माना।

(फोटो : नीलेश होलकर)