विवेक पाराशर/प्रवीण शर्मा, (बड़वानी/बड़वाह), Naidunia Vatvruksh De Vardan। प्राचीन काल से ही बड़ (बरगद) के पेड़ों का महत्व रहा है। यही कारण है कि आज का बड़वानी जो कभी सिद्ध नगर के नाम से जाना जाता था वह बड़ के बगीचों की वजह से पहले बड़नगर कहलाया और फिर बड़वानी कहा जाने लगा। इसी तरह खरगोन जिले का बड़वाह भी बड़ के पेड़ों की वजह से जाना जाता है। यहां भी वर्षों पहले बड़ के पेड़ों की बहुलता थी। रीवा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति इतिहासविद् डा. एसएन यादव ने बताया कि बड़वानी का नाम पूर्व में सिद्ध नगर था। जैन इतिहास में भी उल्लेख मिलता है। बड़वानी नाम की उत्पत्ति बड़ अर्थात बरगद के वन से हुई है, वहीं 'वानी' शब्द बगीचे के लिए प्रयोग किया जाता है। अभी बड़वानी व आसपास करीब 400 बरगद के पेड़ हैं।

बरगद के एक हजार पौधे लगाएगा वन विभाग : बड़वानी के पास सातमात्रा माता मंदिर के पास विशाल बरगद का पेड़ देखा जा सकता है। यहां 60 फीट के व्यास की गोलाई में प्राचीन पेड़ है। बड़वानी डीएफओ डा. अनुपम सहाय ने कहा, बड़वानी की पहचान को कायम रखने के लिए और नईदुनिया के अभियान के तहत वन विभाग ने भी एक हजार बरगद लगाने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत 10 जून से करेंगे।

वटवृक्षों की बहुलता से नाम पड़ गया बड़वाह : शासकीय महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य व इतिहास की प्राध्यापक डा. मुंजला ठाकुर ने बताया, क्षेत्र में वटवृक्षों की बहुलाता की वजह से इसका नाम बड़वाह हुआ। पांच किमी दूर नर्मदा तट पर स्थित ब्रह्मलीन संत दगडू महाराज के आश्रम परिसर में विशाल वट वृक्ष है जिसकी 100 से ज्यादा शाखा हैं।

वट सावित्री पूजन ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर किया जाता है। यह पौधारोपण के लिए सबसे अच्छा समय है। हमें व्रत-पूजन के साथ प्रकृति का आभार मानते हुए पौधे लगाने चाहिए। मैं भी एक छायादार पौधा लगाऊंगी। इसके लिए अन्य को प्रेरित करेंगे। पौधा लगाने के साथ उसकी देखरेख का भी ध्यान रखना चाहिए। - चांदनी फुंदवानी, महिला प्रतिनिधि, लाड़काना सिंधी पंचायत, इंदौर

भारतीय संस्कृति में प्रकृति पूजन के कई पर्व हैं। इसमें पेड़-पौधों के साथ जीवजंतु की महत्ता को भी बताया गया है। वट सावित्री व्रत भी इसमें से एक है। इस बार पूजन के साथ बरगद का पौधा भी लगाएंगे ताकि ताउम्र आक्सीजन मिल सके और इसका फायदा अगली पीढ़ी को मिले। हमारी आबोहवा स्वच्छ रहे। - दीपिका आशीष गोयल, संस्थापक संस्था अग्रमंच, इंदौर

Posted By: Prashant Pandey

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