इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नरेंद्र रघुवंशी आत्महत्या कांड में नया मोड़ आया है। स्वजनों को छह पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। नरेंद्र ने खुदकुशी करने के पहले सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट जज, वकीलों, मानव अधिकार आयोग को भेजा था। मानव तस्करी के आरोपित जीतू सोनी के करीबी नरेंद्र ने सुदामा नगर स्थित घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस वक्त तो पुलिस को घर से आठ लाइन का सुसाइड नोट मिला लेकिन गुरुवार को छह पन्नों का सुसाइड नोट सामने आ गया। जिसे नरेंद्र द्वारा एक कुरियर द्वारा विभिन्न जगहों पर भेजा गया था।

ड्राइवर से पूछताछ में खुला रहस्य-

अंतिम संस्कार के बाद स्वजनों ने रघवंशी के ड्राइवर से चर्चा की तो बताया वह नरेंद्र को एक कुरियर के ऑफिस लेकर गया था। यहां से उन लोगों के नाम पता चले जिन्हें कुरियर भेजा गया था। उनमें हाईकोर्ट वकील विवेकसिंह का नाम भी शामिल था। स्वजनों ने वकील से संपर्क किया तो छह पन्नों का सुसाइड नोट मिल गया। उसमें जीतू सोनी से मित्रता। गिरफ्तारी, जेल यात्रा विवरण लिखा हुआ था। नरेंद्र ने यह भी लिखा कि मरता हुआ व्यक्ति कभी झूठ नहीं बोलता। उस पर जिन लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप वह फर्जी है। पुलिस ने कहा लड़कियों को बंधक बना कर रखा जाता था जबकि वह फ्लाइट से आती थी और खातों में रुपये जमा होते थे। पूरे केस की किसी भी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच होना चाहिए। नरेंद्र ने आर्थिक स्थिति और प्रताड़ना का उल्लेख भी किया है।

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com

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