Navratri 2022 : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के एयरपोर्ट रोड स्थित श्रीविद्याधाम में मां परांबा का ख्यात मंदिर है। यहां हर दिन माता को तीन बार नई साड़ी पहनाई जाती है। विभिन्न आभूषणों से श्रृंगारित किया जाता है। पांच बार सूखे मेवे, खीर-मालपुए सहित कई तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। माता को वर्षभर में पहनाई गई करीब 1095 साड़ियां दीपावली पर भक्तों को वितरित की जाती हैं।

मंदिर का इतिहास - मां परांबा की मनोहारी मूर्ति की स्थापना वर्ष 1995 में ब्रह्मलीन स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ने की थी। मूर्ति निर्माण के दौरान कारीगरों को उन्होंने विशेष मंत्र दिए थे, जिनका जाप करते हुए वे अपना कार्य करते थे। इंदौर रेलवे स्टेशन से मंदिर करीब सात किलोमीटर दूर है। माता को एक बार जो साड़ी पहनाई जाती है, उसे दोबारा नहीं पहनाया जाता है। यहां माता के श्रृंगार के लिए भक्तों को एक से डेढ़ माह का इंतजार करना होता है। नवरात्र के दौरान श्रृंगार के लिए भक्त लालायित रहते हैं।

शारदीय नवरात्र में सग्रहमख शतचंडी महायज्ञ - शारदीय नवरात्र में यहां विभिन्न अनुष्ठान होते हैं। इसमें सग्रहमख शतचंडी महायज्ञ एवं तंत्रोक्त देवीसूक्त ललिता सहस्र नामावली द्वारा सहस्रार्चन जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं। 21 आचार्य सग्रहमख शतचंडी महायज्ञ में शामिल यजमानों से प्रतिदिन गायत्री पाठ, लक्ष्मी सूक्त, गणपति अथर्वशीर्ष, नवग्रह, पुरुष सूक्त आदि मंत्रों से 1100 आहुतियां अर्पित करवा रहे हैं। शाम को 108 दीपों से महाआरती होती है।

पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर मिलता है श्रृंगार का मौका - मंदिर के महामंडलेश्वर चिन्मयानंद सरस्वती बताते हैं कि श्रृंगार का अवसर पहले आओ, पहले पाओ के अनुसार दिया जाता है। चैत्र नवरात्र में होने वाले शतचंडी महायज्ञ में बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। ललिता पंचमी पर विशेष आहुतियां दी जाती हैं।

वर्षभर होते हैं विभिन्न धार्मिक आयोजन - मंदिर के भक्त पं. दिनेश शर्मा का कहना है कि नवरात्र में शक्ति की उपासना विशेष कल्याणकारी होती है। यहां वर्षभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रकाशोत्सव भी हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

Posted By: Hemraj Yadav

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close