Navratri 2022 : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शक्ति उपासकों के बीच इंदौर के श्रमिक क्षेत्र के रामनगर में स्थित तुलजा भवानी मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। इसका पता इस बात से चलता है कि जब मंदिर के कलश के लिए स्वर्ण दान करने की बात आई तो क्षेत्र की महिलाओं ने अपने मंगलसूत्र से अपनी आस्था के अनुरूप 5, 11, 21 की संख्या में स्वर्ण मोती निकालकर दे दिए। यहां नवरात्र में दक्षिण भारतीय पद्धति से होने वाले माता के अभिषेक में शामिल होने प्रात: 4.30 बजे ही सैकड़ों लोग जुट जाते हैं।

मंदिर का इतिहास

मंदिर का निर्माण 36 वर्ष पहले 1986 में किया गया था। समाजसेवी स्व. नवनाथ कोल्हे और ज्ञानदेव खाड़े की पहल से इस स्थान ने साकार रूप लिया। मां तुलजा की मूर्ति जबलपुर में बनवाई गई। इसके बाद माता की मूर्ति को महाराष्ट्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाया गया। इसमें तुलजापुर में तुलजा भवानी मंदिर, कोल्हापुर में देवी महालक्ष्मी, माहुर में रेणुकादेवी, नासिक में सप्तश्रृंगी के अतिरिक्त शनि शिंगणापुर, शिर्डी आदि स्थान शामिल हैं। इसके बाद इंदौर लाकर विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा हुई। प्रतिष्ठा के बाद मंदिर के स्वर्ण कलश के लिए महिलाओं ने स्वर्ण दान किया।

वर्षभर होते विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान

मराठी भाषी बहुल रामनगर में स्थित मंदिर में वर्षभर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। यहां बने दीप स्तंभ को शारदीय नवरात्र की अष्टमी-नवमी के साथ विशेष अवसर पर प्रज्ज्वलित किया जाता है। नवमी के दिन कन्या पूजन होता है। चैत्र पूर्णिमा पर होने वाले भंडारे में हजारों लोग भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। उज्जैन के हरसिद्धि मंदिर के बाद इंदौर के तुलजा भवानी मंदिर में भी तेल-घी से प्रज्ज्वलित किए जाने वाला दीप स्तंभ है, जो विशेष अवसर पर जगमगाता है।

दक्षिण भारतीय पद्धति से होता अभिषेक

मंदिर के पुजारी अशोक पुंडलिक का कहना है कि माता के अभिषेक का स्वरूप दक्षिण भारतीय मंदिरों में होने वाले अभिषेक के समान है। यह स्थान लोगों को अंधविश्वास से दूर रहकर वैदिक परंपरा से पूजा अर्चना की प्रेरणा देता है।

साधना से मनोबल मिलता है

माता भक्त सदाशिव मोरे का कहना है कि तुलजा भवानी माता की आराधना विशेषतौर मराठी भाषी लोग करते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज भी अपने प्रत्येक युद्ध से पहले माता का आशीर्वाद प्राप्त करते थे। यहां माता की साधना से भक्त को मनोबल प्राप्त होता है।

शक्ति के उपासकों की विशेष आस्था

माता भक्त भरत खाड़े का कहना है कि महाराष्ट्र के तुलजापुर में तुलजा भवानी माता का मुख्य स्थान है। इनका कुलदेवी के रूप मे भी पूजन होता है। इस स्थान के प्रति शक्ति के उपासकों की विशेष आस्था है।

Posted By: Hemraj Yadav

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