इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोर्स, सीट व विद्यार्थियों की संख्या नहीं बताने वाले कालेजों को लापरवाही भारी पड़ गई है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने ऐसे कालेजों पर कार्रवाई कर दी है। सत्र 2021-22 की परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट कई कालेजों ने जमा नहीं की है। देशभर में ऐसे 350 कालेज है, जिसमें अकेले इंदौर के तीन कालेज शामिल है। जहां इस साल जीरो ईयर घोषित कर दिया है। इन संस्थान को सत्र 2022-23 में प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक कालेजों में बीएड-एमएड, डीएलएड सहित अन्य पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले एनसीटीई ने कालेजों की सूची जारी कर दी। इंदौर से तीन निजी कालेज प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो चुके है। जबकि प्रदेशभर में 40 से अधिक कालेजों में प्रवेश नहीं होंगे। प्रत्येक राज्य की एनसीटीई ने अलग-अलग सूची बनाई है, जो उच्च शिक्षा विभाग को भेजा है। जीरो ईयर घोषित होने से इन कालेजों को आनलाइन काउंसिलिंग पोर्टल से जोड़ा नहीं गया है।अतिरिक्त संचालक डा. सुरेश सिलावट का कहना है कि एनसीटीई ने रिपोर्ट विभाग मुख्यालय को भेजी है।

रिपोर्ट देना जरूरी

कालेजों के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एनसीटीई संख्त है। नियमों में बदलाव करते हुए तीन साल से कालेजों से रिपोर्ट मांगवाई जा रही है। कोर्स, विद्यार्थी और सीटों के अलावा प्रबंधन शिक्षक, मूलभूत सुविधाएं, कालेज भवन, कम्प्युटर लैब और लाइब्रेरी की जानकारी देना है। इनके दस्तावेज प्रबंधन को आनलाइन जमा करना होते है। लापरवाही के चलते कालेजों में प्रवेश नहीं होंगे।

इन कालेजों में होंगे प्रवेश

अब शहरभर में 29 कालेजों में बीएड-एमएड, बीएबीएड, बीएससीबीएड सहित अन्य कोर्स में विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे, जिसमें अक्षय एकेडमी, मातुश्री, कर्नल फतेह जंग, इल्वा, एमबी खालसा, न्यू ईरा, श्री यशंवत सिंह, उमरिया कन्या, विक्टोरिया, विद्या सागर कालेज, टैगोर, वैष्णव कालेज, श्री सांईबाब, श्री जैन श्वेताम्बर प्रोफेशनल एकेडमी, जैन दिवाकर, गुजराती कालेज, शिवा कालेज, शिव कुमार सिंह, डीएवीवी का शिक्षा अध्ययनशाला, परिजात कालेज, आक्सफोर्ड इंटरनेशनल, माडल इंस्टिट्यूट, लिबरल सहित छह अन्य कालेज शामिल है। जबकि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 50 शिक्षा कालेज संचालित होते है। प्रदेशभर में बीएड की सबसे ज्यादा 62 हजार सीटें है। अकेले इंदौर संभाग में पांच हजार सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।

Posted By: Sameer Deshpande

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close