Indore Forest Division : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्य वन संरक्षक, वन संरक्षक और एसडीओ के बाद अब वनमंडल स्तर पर तबादले हुए हैं। शुक्रवार को इंदौर वनमंडल में वनपाल और वनरक्षकों सहित 40 वनकर्मियों की सूची जारी हुई है, जिसमें अवैध कटाई, अतिक्रमण जैसे सबसे संवेदनशील वनक्षेत्रों की सुरक्षा का जिम्मा महिला वनकर्मियों को सौंपा है। इन्हें चोरल, महू और मानपुर जंगल की निगरानी करनी है। यहां बाकी वनकर्मी जाने से बचते हैं या फिर जल्दी तबादला मंत्री या वरिष्ठ अधिकारियों से करवा लेते हैं। ट्रांसफर सूची आने के बाद शुक्रवार को कई वनकर्मी अपनी आपत्ति दर्ज करवाने पहुंचे।

शुक्रवार को इंदौर, महू, मानपुर और चोरल रेंज में पदस्थ वनकर्मियों का तबादला हुआ है। संगीता कटारिया को छपरिया (मानपुर), मनीषा चौहान को नयापुरा चोरल और कृष्णा रावत को रसकुड़िया भेजा गया है। अवैध कटाई और अतिक्रमण को लेकर रसकुड़िया में कई बार विवाद हुए हैं। बीते दिनों ग्रामीणों का वनकर्मियों से झगड़ा भी सामने आया था। नयापुरा में भी ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर रखा है। वहीं बबीता बघेल, माधवी सिंगला, निकिता शुक्ला, स्वाति व्यास और राधा पाल को आशापुरा चौकी पर निगरानी रखना है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ वनकर्मियों का छह महीने में दूसरी बार ट्रांंसफर किया है। वैसे अधिकांश वनकर्मियों ने प्रभारी मंत्री व मंत्रियों से मनपसंद बीट के लिए फाइल चलवाई थी। डीएफओ नरेंद्र पंडवा का कहना है कि सूची आने के बाद कुछ वनकर्मियों ने आपत्ति दर्ज कराई है।

बरसों से जमे कार्यालय में

इंदौर वनमंडल, पर्यावरण शाखा और रालामंडल में कुछ कर्मचारी बरसों से जमे हुए हैं, जिनमें वनपाल और वनरक्षक शामिल हैं। अधिकांश ने कभी जंगल में जाकर नौकरी नहीं की है। कार्यालय में रहकर ये वनकर्मी क्लर्क का काम संभाले हैं। वहीं चोरल, महू और मानपुर में कई वनक्षेत्र खाली पड़े हैं। मजबूरी में कुछ वनकर्मियों के पास दोहरा प्रभार दिया है। रालामंडल अभयारण्य से सिर्फ राजाराम कल्याणे का ट्रांसफर हुआ है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों के इर्दगिर्द मंडराने वाले कुछ वनकर्मियों को भी आठ साल बाद महू में भेजा गया है।

Posted By: Hemraj Yadav

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