इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जवाहर मार्ग के नए पुल से चंद्रभागा होते हुए पागनीसपागा को जोड़ने वाला रिवर साइड रोड पूरी तरह जमीन पर ही बनेगा। पहले अधिकारियों ने तय किया था कि रोड का आधा हिस्सा जमीन पर और बाकी आधा हिस्सा पुल पर बनाएंगे। हालांकि अब इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लि. कंपनी नदी कवर करने से पीछे हट रही है। इससे नदी का मूल स्वरूप बरकरार रहेगा और एक तरफ जमीन पर रोड बनाया जा सकेगा।आधा किलोमीटर लंबा रोड 80 फीट चौड़ा बनाया जाना है। पहले आधा हिस्सा जमीन पर और आधा कैंटीलीवर पर हैंग कर बनाने की योजना इसलिए बनाई गई थी ताकि बाधक मकानों का कम हिस्सा हटाना पड़े। ऐसा होता तो जवाहर मार्ग पुल से चंद्रभागा होते हुए पागनीसपागा तक जाने वाला ट्रैफिक बायीं ओर और पागनीसपागा से जवाहर मार्ग की ओर आने वाला ट्रैफिक दायीं ओर पुल बनाकर तैयार किए गए रोड से गुजरता।

दोनों तरफ 40-40 फीट की जगह होती। स्मार्ट सिटी के इंजीनियरों का तर्क है कि नदी पर पुल बनाने से नदी का सात-आठ मीटर हिस्सा कवर हो जाता, जो हम नहीं चाहते। इसी वजह से योजना को बदला गया है। अब पूरा रोड जमीन पर ही बनाया जाएगा। तय चौड़ाई के हिसाब से जितने निर्माण हटाने होंगे, उतने हटाए जाएंगे। नगर निगम ने प्रोजेक्ट फाइनल करने से पहले प्रभावित होने वाले हर घर का डोर टू डोर सर्वे किया है और तब प्रोजेक्ट फाइनल किया है।

लागत भी बचेगी

यदि रोड का आधा हिस्सा पुल पर बनाया जाता तो इसकी लागत वर्तमान 14.28 करोड़ रुपए से कहीं ज्यादा होती। कैंटीलीवर रोड बनाने में 20 से 25 करोड़ रुपए तक खर्च होता और उसमें समय भी ज्यादा लगता।

डिवाइडर और सेंटर लाइटिंग के भी होंगे इंतजाम

स्मार्ट सिटी कंपनी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर डीआर लोधी ने बताया कि जवाहर मार्ग से पागनीसपागा तक नदी की चौड़ाई को छेड़े बगैर रोड बनाया जाएगा। पुल बनाकर काम करते तो नदी का कुछ हिस्सा कवर करना पड़ता इसलिए योजना बदली गई है। 80 फीट चौड़े रोड के बीच में डिवाइडर और उस पर सेंटर लाइटिंग लगाने का प्रावधान किया जाएगा। दोनों तरफ जरूरत के अनुसार पैदल आने-जाने वालों के लिए फुटपाथ बनाए जाएंगे। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनने वाले हर रोड की तरह रिवर साइड रोड पर हर सर्विस भूमिगत होगी। इलेक्ट्रिक केबल, बरसाती पानी के निकास के लिए स्टार्म वाटर, ड्रेनेज और पानी की लाइन रोड पर डाली जाएंगी। ठेकेदार पहले चुना जा चुका है। अब निगम को साइट क्लियर कर देना है। इसके लिए समिट के बाद जिला और पुलिस प्रशासन से समन्वय किया जाएगा। निगमायुक्त आशीष सिंह जब भी निर्देश देंगे, सड़क निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।