इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (आइईटी) परिसर में बने हास्टल में विद्यार्थियों के लिए पीने के पानी को लेकर संकट खड़ा हो गया है। ज्यादातर वाटर कूलर बंद हैं, जिनमें छिपकलियां मरी पड़ी हैं। सिर्फ मेस में लगे वाटर कूलर से पानी मिल रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि मेस जब तक चालू रहती है तब तक विद्यार्थियों को पानी मिलता है। इसके बाद बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर है। उधर छात्र संगठन ने शिकायत हास्टल वार्डन से की है।

हास्टल में पानी की कमी बनी है, क्योंकि आइईटी का एक बोरिंग बंद है और दूसरे बोरिंग में पानी नीचे चला गया है। इसके चलते टैंकर से हास्टल में पानी सप्लाई हो रहा है। मगर दो दिन में एक मर्तबा टैंकर आता है। विद्यार्थियों का कहना है कि हास्टल की प्रत्येक मंजिल पर एक-एक वाटर कूलर लगा है, लेकिन सभी लाकडाउन के बाद से बंद पड़े हैं। कई बार हास्टल वार्डन को शिकायत की गई है पर मेंटेनेंस करने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है।

वार्डन ने कहा- वाटर कूलर ठीक करवाना हैं - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सार्थक जैन का कहना है कि इन दिनों सिर्फ मेस के वाटर कूलर से पीने का पानी मिलता है। मगर रात दस बजे मेस बंद हो जाती है। इसके बाद पीने के पानी की समस्या खड़ी हो जाती है। कई बार रात में विद्यार्थियों को बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है। जैन ने बताया कि बीते दिनों वाटर कूलर की सफाई करने का विचार किया तो उसमें मरी हुई छिपकलियां पड़ी थीं। पानी अच्छा नहीं होने से विद्यार्थी बीमार भी पड़ रहे हैं। वार्डन डा. नरेंद्र सोहनी का कहना है कि वाटर कूलर ठीक करवाना है। बोरिंग बंद होने से समस्या हो रही है। वैसे टैंकर नियमित रूप से बुलवाए जा रहे हैं।

Posted By: Hemraj Yadav

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