इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश के उर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर गुरुवार को पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कामकाज की समीक्षा करने इंदौर पहुंचे।बिजली कंपनी के अधिकारियों ने मंत्री के सामने इंदौर में हर दिन औसतन 23 घंटे 57 मिनट बिजली आपूर्ति करने का दावा किया। राजस्व वसूली से लेकर तमाम कामकाज बेहतर बताया गया। विभाग की बैठक से निकलकर उर्जा मंत्री उद्योगपतियों से मिलने पहुंचे। एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआइएमपी) के प्रतिनिधियों ने मंत्री से कहा कि ट्रिपिंग यानी अघोषित बिजली गुल होने की परेशानी बरकरार है। एक बार बिजली गुल होने से उद्योगों को लाखों का नुकसान हो रहा है। बिजली कंपनी के इंजीनियरों को सुधार के उपकरण और अमला भी नहीं मिल रहा है।

पोलोग्राउंड स्थित एआइएमपी सभागृह में उर्जा मंत्री ने उद्योगपतियों से बात की। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने मंत्री से कहा कि ट्रिपिंग कम हुई है लेकिन बंद नहीं हुई। मंत्री ने वहां मौजूद बिजली कंपनी के चीफ इंजीनियर पुनीत दुबे से कहा कि उद्योगपतियों के साथ बैठकर समस्या सुने और 15 दिन में निराकरण कर जानकारी दें। उर्जा मंत्री के सामने उद्योगपतियों ने मिनिमन बिल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लाकडाउन में जब फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद थी तब भी न्यूनतम प्रभार तो देना ही पड़ता है। इससे उद्योगों को राहत मिलना चाहिए। दुनिया में ऐसा कही नहीं है कि बिना उपयोग के पैसा देना पड़े।

इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार भी जिन पावर जेनरेशन प्लांट से बिजली खरीद रही है उनको न्यूनतम पैसा देना पड़ता है भले ही बिजली खरीदे या न खरीदे। उद्योगपतियों ने अन्य समस्याएं रखते हुए 33 केवी के स्थाई प्रभार को कम करने की मांग भी रखी। पालदा औद्योगिक क्षेत्र में ग्रिड की समस्या का हवाला देते हुए उद्योग संगठन के पदाधिकारी हरीश नागर ने कहा कि अभी औद्योगिक क्षेत्र खंडवा रोड ग्रिड से जुड़ा है। इस क्षेत्र की ग्रिड अलग होना चाहिए।

खरीदी नीति में हो सुधार

उद्योगपतियों ने उर्जा मंत्री से कहा कि प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों की खरीदी नीति एक समान होना चाहिए।एआइएमपी के अमित धाकड़ ने कहा कि प्रदेश की बिजली कंपनियों को खरीदी में स्थानीय छोटे-मध्यम उद्योगों को महत्व देना चाहिए। अन्य सभी प्रदेशों में वहां की सरकार खरीदी में स्थानीय उद्योगों को 50 प्रतिशत तक की वरीयता दे रही है। यहां तीन प्रतिशत भी नहीं है। मेक इन मप्र को बढ़ावा देने के लिए भी इस नीति की जरुरत है। रोलिंग मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश मित्तल ने महंगी बिजली के कारण प्रदेश के उद्योगों के पिछड़ने की समस्या बताई। उद्योग मंत्री ने सभी समस्याएं सुनकर कहा कि वे भोपाल आए। सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा कर हल निकाला जाएगा।

जोन पर पहुंचे उर्जा मंत्री

बिजली कंपनी की बैठक में औसत बिल जारी करने के मामले में शहर का सिरपुर जोन सबसे आगे दिखा। उद्योगपतियों से बात करने के बाद उर्जा मंत्री तोमर सिरपुर जोन पहुंच गए। जोन प्रभारी इंजीनियर तरूण चावला से बिल निकलवाए और रीडिंग के अंक और उसके फोटो (पीएमआर) का मिलान किया, जो सही पाया गया। जोन स्थित ग्रिड परिसर का निरीक्षण किया। ऊर्जामंत्री तोमर बाद में धार रोड स्थित सिरपुर जोन क्षेत्र की कालोनी ग्रीन पार्क भी गए। वहां उन्होंने उपभोक्ताओं से चर्चा की, ऊर्जामंत्री ने पूछा बिल ज्यादा तो नहीं आता है। उपभोक्ताओं की ओर से ऊर्जामंत्री को संतुष्टिपूर्ण जवाब मिला। ऊर्जामंत्री ने पूछा बिजली कार्यों के लिए बार-बार जोन तो नहीं जाना पड़ता है, उपभोक्ताओं ने कहा कि वर्ष में दो-तीन बार जाना पड़ता है।

बुरहानपुर से नाखुश

बिजली कंपनी की समीक्षा बैठक में उर्जा मंत्री देपालपुर के अलवासा, उज्जैन के गांवों और बुरहानपुर के कृषि फीडरों की व्यवस्थाओं से नाखुश दिखे। लाइन लास और ट्रिपिंग दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि भोपाल में उर्जा मंज्ञी हेल्प डेस्क पर जो भी शिकायतें आती है उनका निराकरण जल्द किया जाए। इंदौर कंपनी की 9 महीने में 900 से ज्यादा शिकायतें पहुंची थी।बिजली कंपनी के एमडी अमित तोमर ने दावा किया कि पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की स्थिति आपूर्ति, राजस्व संग्रहण और अन्य मामलों में बेहतर है। बात में पत्रकारों से बात करते हुए उर्जा मंत्री ने बिजली कंपनियों के निजीकरण पर गोलमोल जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि कमाऊ कंपनियों को कौन बेचना चाहेगा।यह बिजली कंपनियों पर है कि वे घाटा कम करे और अच्छा प्रदर्शन करें।

Posted By: Sameer Deshpande

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