MPPSC इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मप्र लोकसेवा आयोग (पीएससी) ने राज्य इंजीनियरिंग सेवा-2020 और राज्य इंजीनियरिंग सेवा-2021 दोनों के पूर्व घोषित परिणामों में बदलाव किया। दो दिन पहले आयोग ने राज्य इंजीनियरिंग सेवा 2020 की चयन सूची बदली थी, जबकि बुधवार को राज्य इंजीनियरिंग सेवा 2021 की लिखित परीक्षा का परिणाम बदला गया। इस परीक्षा का अतिरिक्त रिजल्ट जारी किया। पीएससी द्वारा किए इस बदलाव से अभ्यर्थियों में संदेह पैदा हो गया है। हालांकि पीएससी इसे मात्र भूल सुधार बता रहा है।

आयोग ने राज्य इंजीनियरिंग सेवा 2021 का अतिरिक्त परिणाम 30 नवंबर को जारी किया। लिखित परीक्षा के परिणाम की अलग-अलग श्रेणियों में कुल 17 ऐसे उम्मीदवारों को शामिल किया गया है जो पहले लिखित परीक्षा के अर्ह उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं थे, जबकि ऐसे नौ उम्मीदवार बाहर हो गए हैं जो पूर्व घोषित रिजल्ट में अर्ह उम्मीदवारों की सूची में शामिल थे। अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि पुराने अभ्यर्थियों को निकाला क्यों और नए अभ्यर्थियों को शामिल क्यों किया? अंदर आने वाले और बाहर जाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में अंतर पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कई उम्मीदवार रिजल्ट में हुए बदलाव के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी भी कर रहे हैं।

कम जोड़े थे पद

पीएससी के ओएसडी डा.रवींद्र पंचभाई के अनुसार राज्य इंजीनियरिंग सेवा 2021 में ईडब्ल्यूएस के आरक्षण की गणना में पहले त्रुटि हुई थी। लिहाजा लिपिकीय त्रुटि का पता लगा तो उसमें सुधार किया गया। ईडब्ल्यूएस के पद बढ़ाए गए और जो उस श्रेणी में पात्र उम्मीदवार थे, वे चयनित हुए। क्योंकि पहले ईडब्ल्यूएस के बदले अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को चुन लिया गया था लिहाजा गलत चयनित ऐसे अभ्यर्थियों को बाहर किया गया। सूची में अंदर आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में अंतर इसलिए है क्योंकि चयन के दायरे में आने वाले समान अंक वाले सभी अभ्यर्थियों का नियमानुसार चयन किया जाता है। ऐसे में अर्ह घोषित हुए अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है। जबकि इंजीनियरिंग सेवा 2020 में सिर्फ दो अभ्यर्थियों के नाम इधर-उधर हुए हैं। उन्होंने अपनी अग्रमान्यता गलत भर दी थी ऐसे में सिर्फ उनकी शाखाएं बदली गई हैं।

2019 पर कोई निर्देश नहीं

इंटरनेट मीडिया बीते दिनों से राज्य सेवा 2019 की परीक्षा पर रोक लगने व कोर्ट की फटकार मिलने की खबरें प्रसारित हो रही थीं। पीएससी ने साफ किया है कि इस परीक्षा को लेकर गुरुवार तक कोर्ट से उन्हें कोई आदेश नहीं मिला है। एक याचिका पर सुनवाई हुई थी। उस पर अभी कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है।

Posted By: Sameer Deshpande

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