Coronavirus Update Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में कोरोना की गंभीरता लगातार कम हो रही है। किसी समय इंदौर में कोरोना के उपचाररत मरीजों की संख्या हजारों में थी। राहत की बात है कि वर्तमान में सिर्फ 30 कोरोना मरीज उपचाररत हैं। सभी की हालत सामान्य है। किसी मरीज को कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। ज्यादातर तो ऐसे हैं जो किसी अन्य बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे, वहां जांच में पता चला कि वे कोविड-19 संक्रमित हैं। रविवार को पूरे इंदौर में सिर्फ एक संक्रमित मिला।

कम होने लगी सैंपलिंग

कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही सैंपलिंग की संख्या भी कम होने लगी है। किसी समय स्वास्थ्य विभाग जगह-जगह शिविर लगाकर कोरोना की जांच कर रहा था। चौराहे-चौराहे सैंपलिंग की व्यवस्था की गई थी लेकिन संक्रमण कम होने के साथ ही सैंपलिंग भी कम कर दी गई है। रविवार को शहर में सिर्फ 147 सैंपल जांचे गए। हालांकि विशेषज्ञों का भी मानना है कि कोरोना महामारी अब अंत के करीब है। ऐसे में इसकी जांच को अन्य बीमारियों की जांच की तरह सामान्य लेना चाहिए। जिस तरह से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों की जांच होती है उसी तरह कोरोना की जांच की जाए।

सामुदायिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और एमजीएम मेडिकल कालेज के डीन डा.संंजय दीक्षित भी मानते हैं कि अब समय आ गया है कि कोरोना जांच की अनिवार्यता समाप्त की जाए। लगातार टीकाकरण के चलते अब हम हर्ड इन्यूनिटी प्राप्त कर चुके हैं। यानी हमारे शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीबाडी विकसित हो चुकी है। हम सभी कभी न कभी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि किसी में लक्षण नजर आए और किसी में नहीं। जिन लोगों को कोरोना के सभी टीके लग चुके हैं वे संक्रमित भी हुए लेकिन उन्हें इसका पता ही नहीं चला।

Posted By: Sameer Deshpande

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