अश्विन बक्शी, इंदौर। शहर में जल्द ही आठ जगह पर मोहल्ला क्लिनिक खुलेंगे। इसके लिए जीत नगर, चंदन नगर, निपानिया, कनाड़िया, बजरंग नगर, गांधी नगर, बीजलपुर और पंचम की फैल का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों में अभी तक राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य केंद्र नहीं हैं। जो हैं, वे यहां की आबादी से दूर हैं। मोहल्ला क्लिनिक खुलने से इन क्षेत्र के लोगों को ओपीडी की सुविधा मिल सकेगी।

शहरी क्षेत्र में संचालित होने वाले शहरी स्वास्थ्य केंद्र राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से चलाए जाते हैं, लेकिन मोहल्ला क्लिनिक राज्य सरकार की पहल से ही शुरू होंगे। भविष्य में सरकार इसका नाम बदलने को लेकर भी विचार कर सकती है। दिल्ली सरकार की तर्ज पर मप्र सरकार राज्य के विभिन्न शहरों में मोहल्ला क्लिनिक खोलना चाहती है। इसके लिए सरकार ने राज्य के अलग-अलग शहरों से जानकारी मंगाई थी।

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में आठ स्थान चिन्हित कर यहां क्लिनिक खोलने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। 20 से 50 हजार आबादी वाले ये सभी क्षेत्र बड़ी सरकारी स्वास्थ्य सेवा के दायरे से दूर हैं, इसलिए विभाग ने सर्वे कर इनका नाम प्रस्तावित किया है। अब सरकार से स्वीकृति मिलने पर इन क्षेत्रों में मोहल्ला क्लिनिक शुरू किए जाएंगे।

अभी शहर में 14 क्षेत्रों में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है, जिसमें डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन, ड्रेसर व एएनएम नियुक्त हैं। यहां जांच के साथ टीकाकरण की सुविधा भी दी जा रही है। मोहल्ला क्लिनिक में शुरुआती दौर में ओपीडी की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। अभी आधा दर्जन से अधिक शहरी स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है, जिसे विभाग पूरा करने का प्रयास कर रहा है।

घनी आबादी के क्षेत्र में लोगों को होगा फायदा

घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों में इस तरह के क्लिनिक की महती आवश्यकता है। नियमित जांच व डॉक्टर की उपलब्धता होने से मरीज अस्पताल तक पहुंचेंगे। वहीं गंभीर बीमारी या अन्य तरह के लक्षण मिलने पर इन्हें उचित इलाज मिल सकेगा। साथ ही ये सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले सकेंगे।

शुरुआत में ओपीडी का प्रस्ताव

राज्य सरकार द्वारा जानकारी मांगी गई थी, जिसके बाद मोहल्ला क्लिनिक के लिए आठ स्थानों का चयन कर उनका नाम भेजा है। ये वे क्षेत्र हैं, जहां की आबादी 20 से 50 हजार है। शुरुआती दौर में क्लिनिक में ओपीडी शुरू करने का प्रस्ताव है।

- डॉ. प्रवीण जड़िया, सीएमएचओ, इंदौर