इंदौर। जिस प्यार के खातिर घर छोड़ा, माता-पिता से बगावत कर शादी की और वतन तक छोड़ दिया, आज वही शादी के 10 साल बाद परदेशीपुरा मंडी के पास उसे लावारिस छोड़कर चला गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी जहां से उसे एक संस्था को सौंपा गया। पूछताछ और खोजबीन के बाद संस्था वालों ने गुजरात में रहने वाले उसके परिजन को ढूंढ निकाला। शुक्रवार को परिजन उसे लेने आए।

यह कहानी है गुजरात के जामनगर जिले के गांव गजना निवासी जिबी बेन की। संस्था वामा जन कल्याण सेवा समिति की संचालक अंजलि खत्री ने बताया कि पूछताछ में जो बात सामने आई उसके मुताबिक जिबी का पति हिरानी प्रताप सड़क कंपनी में सुपरवाइजर था। वह पाकिस्तान से गुजरात के ग्राम गजना में अपनी बहन के घर आया था। तभी जिबी और प्रताप की मुलाकात हुई। दोनों शादी के बाद कराची चले गए। जिबी को एक बेटी हुई लेकिन उसे उसकी ननद को गोद दे दिया गया। कुछ दिन पहले हिरानी जिबी को हिंदुस्तान घुमाने का कहकर यहां ले आया। तीन दिन पहले उसे इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र की अनाज मंडी में छोड़ गया।

दिल्ली में मिलने का कहा था पति ने

बहन की मिलने की सूचना पाकर इंदौर पहुंचे जिबी के भाई रमेश के मुताबिक जिबी के पति ने बताया था कि वह उसे तीन जनवरी को ट्रेन में बैठा रहा है। हमें दिल्ली में मिल जाएगी लेकिन वह दिल्ली में नहीं मिली। इंदौर से फोन आते ही हम उसे लेने यहां आ गए।

21 को खत्म हो रहा वीजा

जिबी का वीजा 21 जनवरी को खत्म हो रहा है। ऐसे में वह कितने दिन यहां रह पाएगी और कैसे रुकेगी, यह बड़ा सवाल है।