इंदौर। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलन के साथ कन्याओं का पूजन करके टंट्या मामा के बलिदान दिवस के मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत की। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंच से मध्य प्रदेश में पेसा एक्ट लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पट्टा देना बंद नहीं होगा, जिनके पट्टे बच गए हैं उन्हें दिया जाएगा। जितने भी आदिवासी भाइयों पर छोटे मामले चल रहे थे, उन सबको वापस ले लिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री आदिवासी भू आवासीय योजना लागू करने की घोषणा।

आदिवासियों के घरों में टोटी वाला नल लगाकर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। महुंआ, अचार की चिंरोजी, नीम की निंबोली, करंज का बीज पर समर्थन मूल्य पर खरीदेंगे। कोई आदिवासी बिना मकान के नहीं रहेगा, सबका मकान बनाया जाएगा। सीएम शिवराज ने कहा कि जिन सूदखोरों ने ज्यादा ब्याज पर कर्जा दिया है उनका कर्जा नहीं देना होगा। उनका सारा कर्जा माफ, सूदखोरों ने अगर लोगों को परेशान किया तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि नई आबकारी निती में आदिवासियों को परंपरागत तरीके से शराब बनाने और उसे शराब दुकान पर बेचने की अनुमति भी दी जाएगी।

सीएम ने कहा कि क्रांति सूर्य टंट्या मामा को प्रणाम, मैं उस धरती को प्रणाम करता हूं जहां उन्होंने जन्म लिया। अंग्रेजों में इतनी हिम्मत नहीं थी कि उनके शव को किसी को सौंप दें, इसलिए उन्हें पातालापानी के पास छोड़कर चले गए। अंग्रेजों की विशेष पुलिस भी उन्हें नहीं पकड़ पाई। लेकिन एक गद्दार की वजह से वे पकड़े गए। अंग्रेजी खजाने को वे लूटते थे और कभी एक पैसा अपने पास नहीं रखा और सब गरीबों को बांट देते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से पूछा कि बरसों बरस आपने राज किया, लेकिन उन्होंने कभी यह नहीं पढ़ाया कि हमें आजादी किन जननायकों ने दिलवाई। कांग्रेसी उन्हें ही भूल गए, जिनकी वजह से आजादी मिली।

सीएम ने कहा कि हर वर्ष धूमधाम से यह बलिदान दिवस मनाया जाएगा। अटलजी की सरकार में यह तय हुआ था कि आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय होगा, वन भूमि के पट्टे आदिवासियों को देना तय किया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी में योगदान देने वाले ऐसे वीर योद्धाओं के लिए बिरसा मुंडा जयंती पर जनजातिय गौरव दिवस मनाने का ऐलान किया।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति के नाम पर करने पर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें फ्री में कोरोना का टीका लगवाया। इसके पहले यहां टंट्या भील पर आधारित नाटक के साथ हुई। उधर भंवर कुआं चौराहे का नाम बदलकर टंट्या भील के नाम पर रखा गया है। इस मौके पर उनके वंशजों का सम्मान किया गया। अब से यह चौराहा जन नायक टंट्या भील के नाम से जाना जाएगा। देर रात टंट्या मामा गौरव कलश रथ यात्रा इंदौर पहुंची, जिसका राजवाड़ा पर भव्य स्वागत किया गया।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा जननायक टंट्या मामा भील की जन्म स्थली से शुरू हुई क्रांति सूर्य गौरव यात्रा रथ का पूजन एवं भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सीएम ने टंट्या मामा के चित्र पर तिलक लगाकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। राज्यपाल और सीएम ने क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या मामा भील की कर्मस्थली पातालपानी में स्थित टंट्या भील मंदिर में मां महाकाली की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।

इंदौर के नेहरू स्टेडियम में टंट्या मामा के वंशजों का सम्मान।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा, मातृभूमि की स्वतंत्रता और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जनजातीय नायक मामा टंट्या भील जी के बलिदान दिवस पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने लिखा, जननायक और अमर क्रांतिकारी भगवान टंट्या भील को उनके बलिदान दिवस पर कोटिश: नमन।मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम की अनूठी मिसाल है।

टंट्या मामा के जीवन पर चित्र प्रदर्शनी

नेहरू स्टेडियम में टंट्या मामा के जीवन पर आधारित एक चित्र प्रदर्शनी लगायी गई है. प्रदर्शनी में टंट्या मामा के वास्तविक फोटोग्राफ भी शामिल हैं। चित्र प्रदर्शनी में टंट्या मामा और उनके साथियों को जब गिरफ्तार किया गया तो उनके पास से ज़ब्त तीर धनुष की फोटोग्राफ भी है। ये तीर धनुष वर्तमान में लंदन के म्यूजियम में सुरक्षित हैं।

Posted By: Prashant Pandey

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