DAVV Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हवाला देते हुए आल इंडिया काउंसिल फार टेक्नीकल एजुकेशन (एआइसीटीई) ने सभी तकनीकी संस्थानों को दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया है। एआइसीटीई ने गाइडलाइन जारी की है और कहा कि दिव्यांगजनों को निश्शुल्क लैपटॉप और इंटरनेट का शुल्क दें और उनके प्रशिक्षण और प्लेसमेंट में विशेष सहयोग प्रदान करें। बकायदा संस्थानों को समान अवसर सुविधा प्रकोष्ठ (ईओएफसी) सेल बनाना है। छह सदस्य की नियुक्ति करना है, जिसमें वरिष्ठ प्राध्यापक, महिला-पुरुष शिक्षक, नान टीचिंग स्टाफ, विद्यार्थी, एनजीओ सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी को रखना है। प्रत्येक महीने प्रकोष्ठ को बैठक करना है। संस्थानों को इसकी रिपोर्ट एनआइसीटीई को अनिवार्य रूप से भेजना जरूरी है।

संस्थान में प्रकोष्ठ का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को बढ़ावा देना है। हितधारकों के बीच जागरूकता पैदा करने, शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया से संबंधित छात्रों की विशेष जरूरतों को पूरा करने और विकलांग अनुकूल शिक्षण-शिक्षण विकसित करने की होगी। प्रकोष्ठ को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि नि:शक्तजनों को संस्थान व राज्य सरकार के माध्यम से मुफ्त लैपटॉप और इंटरनेट शुल्क प्रदान की जाए। साथ ही प्रशिक्षण और उनके प्लेसमेंट में विशेष ध्यान देना है। प्रकोष्ठ को दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए संस्थान परिसर रैंप, साइनेज, निर्दिष्ट पार्किंग आदि की व्यवस्था करवाना है।

अधिकारियों के मुताबिक प्रकोष्ठ को निःशक्त छात्रों से समय-समय पर फीडबैक लेकर उनकी प्रगति की निगरानी करना है। इन गतिविधियों के प्रति पूर्णकालिक व अंशकालिक जिम्मेदारी वाले बड़ी संख्या में शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। परीक्षा में विकलांग व्यक्तियों के लिए विशेष प्रविधान भी करते हुए एआईसीटीई ने प्रश्न पत्र में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 20 से 50 प्रतिशत प्रश्नों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। एनआइसीटीई के अधिकारियों के मुताबिक संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर दिव्यांग छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया का विवरण, उपलब्ध सहायता सेवाएं की स्थिति शामिल है।

Posted By: Sameer Deshpande

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close