केस एक

एक व्यक्ति ने जनोपयोगी लोक अदालत में शिकायत की थी कि स्ट्रीट लाइटें दिन में भी चालू रहती हैं। नगर निगम आम जनता से वसूले टैक्स को बर्बाद कर रहा है। जनोपयोगी लोक अदालत ने आदेश दिया कि निगम दिन के वक्त स्ट्रीट लाइटों को बंद करने का इंतजाम करे। निगम को स्ट्रीट लाइटों को बंद करने की व्यवस्था करना पड़ी।

केस दो

जनोपयोगी लोक अदालत में एक व्यक्ति ने शिकायत की कि नल में आज तक पानी नहीं आया लेकिन नगर निगम हर महीने बिल भेज रहा है। हजारों की वसूली निकाल दी गई है। कोर्ट ने जांच के बाद निगम को बिल की राशि माफ करने का आदेश दिया।

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि), Lok Adalat Indore। जिला न्यायालय में हर शनिवार आयोजित होने वाली जनोपयोगी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगे आया है। प्राधिकरण गार्डन, रेलवे-बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर बैनर लगाकर लोगों को बताएगा कि सड़क, बिजली, पानी, गंदगी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए वे जनोपयोगी लोक अदालत में सादे कागज पर आवेदन देकर याचिका दायर कर सकते हैं। अदालत संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगी और कुछ ही दिन में समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। प्रचार-प्रसार में इंदौर जिला अभिभाषक संघ भी भूमिका निभाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव और अपर जिला जज मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि जनोपयोगी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए योजना तैयार कर ली गई है। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर बैनर लगाने के साथ-साथ लोगों को इस अदालत से मिलने वाली मदद के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। ऐसी व्यवस्था भी बनाई जा रही है जिससे जनोपयोगी लोक अदालत के फैसले और समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए आदेशों की जानकारी आम जनता तक आसानी से पहुंच सके। इसका उद्देश्य आम जनता के मन में इस विशेष अदालत के प्रति विश्वास बढ़ना है। श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक जनोपयोगी लोक अदालत हर महीने के अंतिम शनिवार को आयोजित होती थी लेकिन अब इसे हर शनिवार आयोजित किया जाएगा। जनोपयोगी लोक अदालत के प्रचार प्रसार की पहल करने वाला इंदौर प्रदेश में पहला जिला है।

ऐसे करती है काम

जनोपयोगी लोक अदालत में कोई भी व्यक्ति सादे कागज पर आवेदन देकर पानी, बिजली, सड़क आदि जैसे समस्याओं को लेकर याचिका दायर कर सकता है। न्यायालय समस्या के त्वरीत निराकरण के लिए संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगती है। समस्या या शिकायत सही पाए जाने पर दो-तीन सुनवाई में ही समाधान करते हुए संबंधित विभाग को आदेश जारी कर दिया जाता है। जनोपयोगी लोक अदालत में शिकायत सादे कागज पर दी जा सकती है। पैरवी के लिए वकील का होना जरूरी नहीं है। शिकायतकर्ता खुद भी अपना पक्ष अदालत के सामने रख सकता है।

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com

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