इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्वास्थ्य विभाग के पास रैपिड एंटीजन टेस्ट किट खत्म हो गई है, इस वजह से शहर में अभी कोेविड संक्रमित मरीजों की सिर्फ आरटीपीसीआर जांच ही हो रही है। रैपिड एंटीजन टेस्ट में जहां तत्काल संक्रमित होने का पता चल जाता था वहीं आरटीपीसीआर जांच करवाने वाले मरीजों को अब तीन से चार दिन बाद ही रिपोर्ट का पता चल रहा है।

सीएमएचओ डा. बीएस सैत्या के मुताबिक भोपाल से ही हमें रैपिड एंटीजन टेस्ट किट नहीं मिल रही है। गणतंत्र दिवस पर हुए मुख्य आयोजन में जांच के लिए 70 जांच किट बमुश्किल मिल पाई थी। पिछले दो दिन से हमें भोपाल से रैपिड जांच किट नहीं मिल रही हैं। आरटीपीसीआर जांच के सैंपल एमजीएम मेडिकल कालेज व निजी लैब को भेजे जा रहे है। हमारी कोशिश है कि जांच के पश्चात 24 से 48 घंटे में लोगों को जांच रिपोर्ट मिल सके।

मेडिकल कालेज की लैब का 20 से ज्यादा स्टाफ संक्रमित, कम जांचे जा रहे सैंपल

एमजीएम मेडिकल कालेज में पहले कोविड संक्रमितों के जहां 2200 सैंपलों की जांच हो रही थी। वहीं पिछले तीन से चार दिनों से 1400 से 1500 सैंपलों की जांच हो रही है। मेडिकल कालेज की जांच लैब में काम करने वाले 20 से ज्यादा कर्मचारी कोविड संक्रमित होने के कारण आईसोलेशन में हैं। ऐसे में कम स्टाफ होने के कारण मेडिकल कालेज की लैब में होने वाली जांच की संख्या में कमी आई है। एमजीएम मेडिकल कालेज में इंदौर के अलावा खरगोन जिले से भी सैंपल जांच के लिए पहुंचाए जा रहे हैं।

ऐसे में इंदौर में संक्रमित होने वाले मरीजों के अधिकांश सैंपल निजी लैब को दिए जा रहे हैं। निजी लैब द्वारा सैंपल ज्यादा होने के कारण अहमदाबाद में सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगने के कारण भी आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में ज्यादा समय लग रहा है।

Posted By: Sameer Deshpande

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