इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि) Indore News। 1959 से शहर में आस्था का केंद्र बने अन्नपूर्णा मंदिर अब जल्द ही नए स्वरूप में भक्तों के सामने होगा। 60 वर्ष पुराने इस मंदिर में अब तक जहां यज्ञ-हवन होते आए वहां अब भव्य गर्भगृह होगा। शहर के प्रमुख मंदिरों में से एक अन्नपूर्णा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए प्रथम शिला पूजन एवं निर्माण कार्य का आरंभ 25 फरवरी की सुबह 11 बजे होगा। सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे के मध्य शुभ मुहूर्त में आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज के सानिध्य में यह पूजन होगा और इसके साथ ही निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा।

न्यासी मंडल के विनोद अग्रवाल, गोपालदास मित्तल, दिनेश मित्तल एवं श्याम सिंघल ने बताया कि नया गर्भगृह और मंदिर यज्ञ स्थल पर बनने जा रहा है। 60 वर्ष पूर्व स्व. महामंडलेश्वर स्वामी प्रभानंद गिरि महाराज द्वारा बनवाए गए इस मंदिर में भक्तों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए इसके स्वरूप को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया था। इसके चलते यज्ञशाला को हटाकर उस स्थान पर भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। नया मंदिर संगमरमर से बनेगा और इसमें कहीं भी कील, लोहा या लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मंदिर का शिखर 81 फीट ऊंचा होगा। कुल छह हजार वर्गफीट क्षेत्र में मंदिर बनाया जा रहा है।

वर्तमान में मंदिर में जो मां अन्नपूर्णा, महाकाली और भगवती सरस्वती की जो मूर्तियां हैं, वहीं नवीन गर्भगृह में स्थापित की जाएंगी। नए मंदिर के निर्माण में लगभग 20 करोड़ रूपये की लागत अनुमानित है। गौरतलब है कि गत वर्ष सात फरवरी को भी यहां जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया गया था लेकिन लाकडाउन के कारण केवल फाउंडेशन तक का ही कार्य हो सका। एक बार फिर आगे के कार्य का आरंभ किया जा रहा है। अगले चरण में फाउंडेशन के बाद संगमरमर का कार्य आरंभ होगा। महामंडलेश्वर संगमरमर की शिला रखकर इस कार्य का आरंभ करेंगे।

Posted By: Sameer Deshpande

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