इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर क्राइम ब्रांच और वन विभाग के संयुक्त दल ने शनिवार को चंदन की बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी कर रहे चार लोगों को गिरफ्तार किया है। तस्कर कार में लकड़ी के 12 नग रखे हुए थे। कार पर वन विभाग का स्टिकर लगा पाया गया। उनके पास से वनपाल और वनकर्मी के आइडी कार्ड भी मिले हैं। पुलिस पूरे मामले में सबूत जुटाने में लगी है। उधर, वन विभाग से भी जानकारी मांगी है।

शनिवार को क्राइम ब्रांच को मुखबिर से चंदन तस्करी की सूचना मिली थी। इस पर हीरा नगर थाने से संपर्क किया गया और वन विभाग को जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल सांवेर रोड से लवकुश चौराहे तक वाहनों की तलाशी शुरू कर दी। दोपहर 2 बजे एमआर 10 ब्रिज के पास कार क्रमांक एमपी 15 सीसी 2636 में लकड़ियां रखी मिलीं। कार सागर निवासी गजेंद्र सिंह लोधी के नाम पर रजिस्टर्ड थी। कार में गजेंद्र, दीपक पुत्र खिलवानसिंह राजपूत, दीपक पुत्र बालकिशन राजपूत और विकास पुत्र वीरसिंह राजपूत सवार थे। पूछताछ में तस्करों ने सांवेर से चंदन का पेड़ काटना बताया। कार पर वन विभाग का स्टिकर लगा मिला तो क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच इंदौर रेंज को दी। बाद में तस्करों को नौलखा स्थित वन विभाग के कार्यालय में लाया गया।

वन विभाग सागर से मांगी जानकारी - पूछताछ में तस्कर अलग-अलग बयान देने लगे। तलाशी के दौरान कार से वनपाल दिलीप सिंह (सागर) का आइडी कार्ड मिला। साथ ही गजेंद्र लोधी का भी कार्ड रखा था। कार्ड में गजेंद्र को दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी बताया है। रेंजर जयवीर सिंह ने बताया कि संयुक्त कार्रवाई के चलते पूछताछ की गई। कुछ दस्तावेज मिले थे। मामला दोबारा हीरा नगर थाने को सौंप दिया है। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) निमिष अग्रवाल ने बताया कि चंदन की तस्करी से जुड़े मामले में कुछ दस्तावेज मिले हैं। उसके बारे में वन विभाग सागर से जानकारी मांगी है।

Posted By: Hemraj Yadav

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