उज्जवल शुक्ला, इंदौर, नईदुनिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में अपना लगभग आधा सफर पूरा कर चुकी है। इस दौरान जहां कांग्रेस की ओर से यात्रा को सफल बनाने के कई प्रयत्न हुए, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी यात्रा को निशाने पर लेने का कोई मौका नहीं छोड़ा। पूरी यात्रा के दौरान कांग्रेस के प्रवक्ता पूरी मुस्तैदी से खड़े रहे, वहीं यात्रा के दौरान ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ के मीडिया प्रभारी रहे नरेन्द्र सलूजा के भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कहा जाने लगा था कि अब कांग्रेस भाजपा पर हमलावर नहीं हो पाएगी। कांग्रेस प्रवक्ता संतोष सिंह गौतम ने इस काम को बखूबी निभाया, उन्होंने पूरी यात्रा के दौरान सलूजा की कमी महसूस नहीं होने दी। वे कांग्रेस नेता जयराम रमेश और शोभा ओझा के लगातार संपर्क में बने रहे। अब बताया जा रहा कि जल्द ही उन्हें उनके इस काम पारितोषिक किसी बड़े पद के तौर पर मिल सकता है।

सचिन बिरला अब घर के रहे न घाट के

खंडवा लोकसभा उपचुनाव के दौरान अचानक भाजपा का दामन थामने वाले बड़वाह के विधायक सचिन बिरला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार बताया जा रहा है कि उनका भाजपा से मोहभंग हो चुका है और वे कांग्रेस में वापसी की जुगाड़ भिड़ाने में लगे हैं। वैसे औपचारिक तौर पर वे फिलहाल कांग्रेस पार्टी के ही विधायक हैं क्योंकि उनका इस्तीफा अभी विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर नहीं किया है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने कहा था कि भाजपा ने विधायकों को लेकर आंतरिक सर्वे कराया है, जिनका फीडबैक सही नहीं मिला है, उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया जाएगा। बिरला को पता चल गया है कि इस बार भाजपा से टिकट मिलना मुश्किल है, ऐसे में वे कांग्रेस में वापसी के प्रयासों में लग गए हैं। बताया जाता है कि कमल नाथ ने अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।

क्या विजयवर्गीय की पारखी नजर को लग गया है 'चश्मा'!

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को राजनीति का धुरंधर खिलाड़ी माना जाता है। इंदौर में आज भी उनकी सहमति के बिना भाजपा का कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाता। कहा जाता है कि वे जिस पर नजर डाल देते हैं, वो भी राजनीति का बड़ा खिलाड़ी बन जाता है। उन्होंने रमेश मेंदोला पर नजर डाली, वो पार्षद से लेकर विधायक तक बन गए। जीतू जिराती पर हाथ रखा तो वे भी युवा मोर्चा अध्यक्ष से लेकर विधायक तक बन गए। उन्होंने जिस विधानसभा सीट पर नजर डाली, वो भाजपा की झोली में आ गई। अब जब उनकी चश्मा लगाए हुए तस्वीरें सामने आ रही हैं, तो राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल पड़ी कि क्या अब उनकी पारखी नजर को भी 'चश्मा' लग गया है। अब उनकी नजर किस नेता पर पड़ती है, इस पर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

रीना के सहारे राजनीति चमकाने में लगे प्रेमचंद गुड्डु

मालवा-निमाड़ के कांग्रेसी दलित नेताओं में एक समय तीन नाम प्रेमचंद गुड्डू, सज्जनिंसंह वर्मा और तुलसी सिलावट सबसे ज्यादा चर्चा में रहते थे। अब तुलसी सिलावट भाजपा में हैं और वर्मा ने अपना दायरा इंदौर से बाहर कर लिया है। ऐसे में इंदौर में अब सिर्फ प्रेमचंद गुड्डू ही बचे हैं। मगर उन्हें पिछले कुछ सालों में कांग्रेस में वो महत्व नहीं मिल रहा है, जो उनके समकक्ष नेताओं को मिलता है। हालांकि पिछले दिनों भारत जोड़ो यात्रा को सांवेर क्षेत्र में जिस प्रकार का समर्थन मिला है, उससे गुड्डू का कद एक बार फिर कांग्रेस में बढ़ गया है। इसका श्रेय उनकी बेटी रीना बौरासी को जाता है। रीना करीब एक साल से सांवेर में सक्रिय हैं। यात्रा के दौरान राहुल गांधी कई मौकों पर रीना को साथ लेकर चलते दिखे। राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि गुड्डू इन दिनों रीना के सहारे अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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