इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए इंदौर जिले में पहली से लेकर 12वीं के सभी निजी और शासकीय स्कूल 31 जनवरी तक बंद रहेंगे। इन कक्षाओं से संबंधित होस्टल भी बंद रहेंगे। धार्मिक और व्यावसायिक मेले, जुलूस और रैली पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, शैक्षणिक और मनोरंजन आदि के आयोजनों में 250 लोगों से अधिक की उपस्थिति पर भी प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में राज्य शासन के फैसले के बाद कलेक्टर मनीषसिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत शुक्रवार को आदेश जारी किया।

कलेक्टर के आदेश के अनुसार, यदि किसी बंद सभागार में कोई कार्यक्रम हो रहा है तो उसमें सभागार की क्षमता के 50 प्रतिशत से कम लोगों की उपस्थिति ही रह सकेगी। इसी तरह खेलकूद गतिविधियों के लिए स्टेडियम की क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति के आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे। स्टेडियम में खिलाड़ी केवल खेलकूद की गतिविधि कर सकेंगे, किंतु दर्शक नहीं आ सकेंगे।

मास्क नहीं लगाने वाले लोगों पर 200 रुपये का जुर्माना

काेरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने, शारीरिक दूरी आदि के पालन तय कराना होगा। जो लोग मास्क नहीं पहनेंगे या मास्क नाक के नीचे पाया गया तो उन पर स्थानीय निकाय द्वारा 200 रुपये का अर्थदंड किया जा सकेगा। ऐसे में सभी नागरिकों को कोविड के उपयुक्त व्यवहार करना अनिवार्य होगा।

कोरोना की जांच में पता और मोबाइल नंबर गलत पाया गया तो लैब के खिलाफ होगी कार्रवाई

कोरोना के नमूनों की जांच करने वाले सभी निजी लैब संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि सेंपल लेते समय संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर और पता अनिवार्य रूप से डालें। जिस व्यक्ति का नमूना जांच में लिया जा रहा है उसके मोबाइल नंबर की पुष्टि अवश्य की जाए। साथ ही घर के पते पुष्टि उसके आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे फोटो पहचान-पत्र से कर ली जाए। पता और मोबाइल नंबर गलत पाए जाने पर इसे धारा-144 का उल्लंघन और अपराध की श्रेणी में मानकर संबंधित लैब के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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