School Recognition Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा संचालित करने वाले सैकड़ों स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी है। बीच सत्र में विभाग ने स्कूलों पर कार्रवाई की है। इस वजह से विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है। उधर अधिकारियों के इस फैसले से स्कूल संचालक नाराज है और अब ये सभी कोर्ट की शरण लेने जा रहे हैं। हालांकि उसे पहले स्कूल संचालक स्कूली शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार से मिलने की तैयारी करने में लगे हैं।

कोरोना के बाद स्कूलों को अगस्त में मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया करने को बोला। प्रबंधन ने जरूरी दस्तावेज लगाए। मगर लोक शिक्षण संचालनालय ने किराया अनुबंध, शौचालय, खेल मैदान जैसी कई खामियां बताकर मान्यता रोक दी। प्रदेशभर में 400 स्कूलों पर कार्रवाई हुई है। अकेले इंदौर में 48 स्कूलों की मान्यता बहाल नहीं की है। यहां पढ़ाने वाले 10वीं और बारहवीं के 1500 छात्र-छात्राएं को अपने भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है, क्योंकि उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के लिए इन स्कूलों से आवेदन किया है।

साथ ही कुछ विद्यार्थियों ने अभी तक फार्म नहीं जमा किया है। इनके पास 30 सिंतबर तक का समय है। बीच सत्र में कार्रवाई होने से विद्यार्थियों की परीक्षा पर संकट गहरा गया है। फिलहाल विभाग ने इन विद्यार्थियों के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया है। संभवत: अगले सप्ताह वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक बुलाई है। मगर इसे पहले स्कूल संचालक कोर्ट से स्टे लेने का प्रयास करने में लगे है, जबकि सहयोग अशासकीय विद्यालय संघ ने मंत्री से मुलाकात के लिए संपर्क किया है।

संघ के मुताबिक बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के अलावा 9वीं और 11वीं में पढ़ाने वाले छात्र-छात्राएं भी प्रभावित हुए है। उनके बारे में विभाग जरा भी विचार नहीं कर रहा है। उधर विभाग के फैसले को गलत बताया जा रहा है। संघ के सचिव आशीष तिवारी का कहना है कि कोर्ट जाने से पहले संचालकों आपस में बैठक करेंगे।

Posted By: Sameer Deshpande

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close