उदय प्रताप सिंह, इंदौर। बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए सीबीएसई ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि पाठ्यक्रम को सरल, सुगम व सहज बनाने के लिए शिक्षक परफॉर्मिंग आर्ट्स का उपयोग करें। जैसे, महानायक अमिताभ बच्चन डायलॉग बोलते हैं या कविताएं पढ़ते हैं, वहीं हॉलीवुड कलाकार जेम्स बांड वाक्य को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर बोलते हैं। शिक्षक भी इसी तरह पाठ्यक्रम को रुचिकर और आसान बनाकर बच्चों को पढ़ाएं। सीबीएसई के नए निर्देशानुसार छात्रों को क्लासरूम की किताबी पढ़ाई के अलावा सप्ताह में दो दिन कला शिक्षा से संबंधित कक्षाएं अनिवार्य रूप से लगानी होंगी।

निर्देश में कहा गया है कि केमिस्ट्री विषय में एलिमेंट व कम्पाउंड को समझाने के लिए हर छात्र को एक एलिमेंट का किरदार दें। सीबीएसई ने हाल ही में कक्षा पहली से 12वीं में कला शिक्षा को अनिवार्य रूप से पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब कला सिर्फ आर्ट्स एंड क्राफ्ट या पेंटिंग तक सीमित नहीं रहेगी, छात्रों को उनके मुख्य विषयों के साथ संगीत, नृत्य, नाटक, पेंटिंग व क्राफ्ट को शामिल करना होगा। स्कूलों में कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों को कुकिंग भी सिखाई जाएगी। इसमें अनाज, मसालों व दालों की जानकारी देने के साथ पोषक तत्वों के बारें में बताया जाएगा।

दालों को नाम से पहचान पाएंगे छात्र

इंदौर सहोदय ग्रुप के पूर्व चेयरमैन मनोज वाजपेयी के मुताबिक सीबीएसई ने विषयों को पढ़ाने के साथ परफॉर्मिंग आर्ट व पाक कला के बारे में सिखाने का जो निर्देश जारी किया है, वह सराहनीय है। इससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। छात्र दाल, अनाज व मसालों को नाम से पहचान पाएंगे। अभी छात्र दालों को रंगों के आधार पर काली, पीली व हरी दाल बोलते हैं।

वाक्यों को तोड़कर बोलने से होगी आसानी

डॉक्टर पहले से कहते हैं कि हमारे दिमाग के दो हिस्से होते हैं। जो चीजें ऑडियो विजुअल या कला के माध्यम से कही जाती है, वो ज्यादा जल्दी याद हो जाती है। जो थ्योरी होती है, वह दिमाग के दूसरे हिस्से में रहती है। अमिताभ बच्चन की आवाज में गहराई, स्पष्ट उच्चारण होता है और वे पोज देकर, वाक्यों को तोड़कर बोलते हैं। इस वजह से उनके डायलॉग आसानी से याद हो जाते हैं। उनका यह तरीका पढ़ाई में कठिन विषयों को याद करने के लिए किया जा सकता है।

-राकेश मित्तल, सचिव, सिने विजन

कार्टून कैरेक्टर का करें इस्तेमाल

कोई भी चीज पढ़ाते समय बच्चों में रुचि पैदा करना जरूरी है। फिल्म कलाकार, कार्टून कैरेक्टर, रैप सॉन्ग जैसे कठिन गानों को माध्यम बनाकर बच्चों से कठिन चीज याद करवाई जा सकती है। बच्चों को पाठ्यक्रम की चीजें वाइस मॉडुलेशन व किसी रिद्म में याद करवाई जाए तो ये चीजें जल्दी याद हो जाती हैं। ऐसे में अमिताभ, जेम्सबॉण्ड या ऐसा कोई कलाकार जिसे बच्चे ज्यादा देखते या सुनते हैं, उनके तरीके से बच्चों को पढ़ाई गई चीजें काफी याद रहती हैं।

-श्रीराम जोग, रंगकर्मी

पढ़ाते समय हो भावात्मक अभिनय

कविताएं व कहानियां पढ़ाते समय उसमें भावात्मक अभिनय होना चाहिए। इस तरह से पढ़ाई गई चीजों को देखकर बच्चे उत्सुक होते हैं और उसे याद भी अच्छे से करते हैं। अमिताभ बच्चन जब बोलते हैं तो उनके शब्दों के साथ भाव भी आते हैं और उसका असर सुनने वाले पर पड़ता है। उनके बोले डायलॉग सालों बाद भी लोगों की जुबान पर है। स्कूलों में सीबीएसई ने कला शिक्षा के माध्यम से पढ़ाने का जो निर्देश दिया है, वह काफी सफल होगा।

-प्रतिभा मिश्रा, पूर्व उपप्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय चंद्रकेशर डेम