DAVV Indore इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने डॉक्टोरल एंट्रेस टेस्ट (डीईटी-19) में उन उम्मीदवारों को भी जोड़ने का फैसला किया है, जिन्होंने इस साल में हुई जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और यूजीसी नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूजीसी नेट-20) परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। प्रक्रिया में शामिल करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पात्र उम्मीदवारों से 21 अक्टूबर तक आवेदन बुलवाए हैं, जिससे वे भी नवंबर से पीएचडी शुरू कर सकें।

नियमानुसार जेआरएफ और यूजीसी नेट क्वालिफाई उम्मीदवारों को पीएचडी की प्रवेश परीक्षा से छूट है। उन्हें सीधे कोर्स वर्क के लिए पात्र माना जाता है। यही वजह है कि इन्हें डीईटी-19 में शामिल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के अधिकारी का कहना है कि संक्रमण की वजह से पिछली डीईटी-19 में प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। साथ ही इस सत्र में प्रवेश परीक्षा होना थोड़ा मुश्किल है।

ऐसे में डीईटी 19 में पिछले साल जेआरएफ-यूजीसी नेट वाले विद्यार्थियों को पहले ही शामिल किया जा चुका है, लेकिन इस साल जनवरी में नेट परीक्षा और मार्च में जेआरएफ हुई थी। बीते दिनों दोनों परीक्षाओं के क्वालिफाई उम्मीदवार कुलपति डॉ. रेणु जैन से मिले थे।

उन्होंने कहा कि डीईटी-20 नहीं होने से उनका एक साल खराब हो जाएगा। कुलपति ने पीएचडी प्रवेश समिति से इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने पिछले सत्र की डीईटी में इन्हें भी शामिल करने पर मंजूरी दे दी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन उम्मीदवारों से भी आवेदन बुलवाए हैं, जिससे इन्हें भी रिसर्च एडवाइजरी कमेटी (आरएसी) के समक्ष इंटरव्यू देने का अवसर मिल सके। समिति के डॉ. विजय बाबू गुप्ता का कहना है कि जेआरएफ और यूजीसी नेट के अलावा एमफिल के विद्यार्थियों को भी डीईटी की प्रक्रिया से जोड़ दिया है।

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