इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इस समय भारत के जंगलों में आग लगने की जानकारी तब मिलती है जब वह काफी फैल जाती है। किसी व्यक्ति द्वारा आग देखने के बाद इसकी सूचना अधिकारियों को दी जाती है और फिर आग पर काबू पाने का काम शुरू होता है लेकिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) इंदौर के प्रोफेसर और पीएचडी कर रहे विद्यार्थियों ने ऐसी तकनीक इजात की है जिससे सेंसर तकनीकी की मदद से जंगलों में लगने वाली आग की सूचना कुछ ही सेकंड में प्रशासन के अधिकारियों को मिल सकेगी।

सिमरोल स्थित आइआइटी इंदौर के आसपास मौजूद जंगलों का सहारा लेकर पायलेट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। जंगलों में सेंसर स्थापित कर उपकरणों का सफल प्रशिक्षण किया गया। अब आइआइटी इंदौर के प्रोफेसर मेलघाट टाइगर रिजर्व में इसे स्थापित करेंगे। आइआइटी इंदौर के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के अस्सिटेंट प्रोफेसर डा. अभिषेक श्रीवास्तव, पीएचडी कर रहे विद्यार्थी अरुण कुमार, अंकित जैन, प्रार्थी जैन, उत्कर्ष अग्रवाल और सीमांधर जैन द्वारा पायलेट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है और इसकी कार्यक्षमता बेहतर करने के लिए लगातार अब भी काम किया जा रहा है।

डा. अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि वायरलेस सेंसर नेटवर्क के माध्यम से निर्धारित सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। तापमान ज्यादा होने पर सेंसर उसे डिटेक्ट करके आग की गलत सूचना न कंट्रोल रूम तक भेज दे इसका भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग किया गया है।

Posted By: gajendra.nagar

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