सप्ताह में एक दिन जेलों में होगा कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण

इंदौर। एमवाय अस्पताल में एक कैदी की गोली मारकर हत्या हो जाने के बाद प्रशासन और पुलिस कैदियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए हैं। अब एमवाय अस्पताल में कैदियों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। इसकी तैयारी गुस्र्वार से ही शुरू कर जाएगी। सात दिन में यह वार्ड तैयार हो जाएगा।

एमवाय अस्पताल की सुरक्षा को लेकर बुधवार को प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें यह तय किया गया। बैठक में कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने कहा कि एमवाय अस्पताल में कैदियों की आवाजाही कम करने के लिए सप्ताह में एक दिन एक चिकित्सक और एक टैक्निशियन जिले की जेलों में जाकर कैदियों का स्वास्थ्य और ब्लड टेस्ट करेंगे।

बैठक में डीआईजी राकेश गुप्ता, एसपी ओपी त्रिपाठी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. पुष्पा वर्मा, एडीएम आलोकसिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ. एमएस ठाकुर, सेंट्रल जेल अधीक्षक गोपाल ताम्रकर आदि मौजूद थे।

बंद होंगे पीछे के गेट

कैदी वार्ड में सुरक्षा गार्ड के अलावा मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। अस्पताल परिसर में कुल 9 द्वार हैं। बैठक में तय हुआ कि सुरक्षा के मद्देनजर इसमें से कुछ द्वार स्थायी रूप से बंद कर दिए जाएं। एमवायएच परिसर में पीछे के रास्ते से आने वालों पर स्थायी रूप से रोक लगाई जाए। पीछे की बाउंड्रीवॉल के अनधिकृत दरवाजे स्थायी रूप से बंद कर दिए जाएं। कैम्पस में प्रायवेट गार्डों की संख्या बढ़ाई जाए।