इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आबकारी विभाग ने राजस्व कमाने की होड़ में नगर में ऐसी जगह भी शराब की दुकानें खुलवा दी हैं, जो व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही हैं। खेद की बात है कि अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। विजय नगर के स्कीम-54 क्षेत्र में सर्विस रोड पर खुली शराब दुकान इसकी बानगी है। यहां शासन की ओर से ठेके पर दी गई वाइन शाप के कारण हर दिन शाम को सर्विस रोड पर वाहनों की कतार लग जाती है। शराब खरीदकर लोग दुकान के सामने ही गाड़ियों में बैठकर तो कभी गाड़ी के बाहर शराब पीते रहते हैं।

शराबी दुकान के सामने सर्विस रोड पर गाड़ी खड़ी करके ऐसे जम जाते हैं, मानो शराब दुकान संचालक ने सड़क को ही अहाता बना रखा हो। ऐसी अनोखी व्यवस्था से शराबी मस्त हैं, लेकिन आम जनता बहुत त्रस्त हो चुकी है। यह शराब दुकान सर्विस रोड से गुजरने वालों के लिए तो मुसीबत का कारण है ही, पास में ही रहने वाले शेखर रेसीडेंसी इमारत के रहवासियों के लिए तो किसी कैदखाने से कम नहीं। इमारत के दरवाजे के सामने भी गाड़ियों की पार्किंग हो जाती है। ऐसे में रहवासियों का निकलना कठिन हो जाता है। इस आवासीय इमारत और शराब दुकान के बीच एक खाली भूखंड है। शराब दुकान के ठेकेदार ने इस भूखंड को अपनी गाड़ियों के लिए पार्किंग बना रखा है। इस खाली भूखंड पर भी पीने वाले जमे रहते हैं।

गूंजती रहती है गालियां - शराब दुकान के कारण हमारे घर तो किसी कैदखाने की तरह हो गए हैं। मेरे घर की बालकनी तो शराब दुकान के भूखंड की ओर ही खुलती है। मैं अपनी बालकनी में थोड़ी देर भी खड़ी नहीं रह सकती। यह कहना है शेखर रेसीडेंसी की रहवासी मंगला गुप्ता का। वे बताती हैं कि सुबह जब तुलसी के पौधे में जल चढ़ाने जाती हूं, तब भी और शाम को भगवान का दीपक लगाने बालकनी में जाती हूं, तब भी शराब दुकान की पार्किंग में लोग शराब पीते और गाली-गलौज करते दिखाई देते हैं। यह सब सुबह से लेकर आधी रात तक चलता रहता है।

हमेशा का सिरदर्द है - शेखर रेसीडेंसी के रहवासी रवींद्रपाल गोस्वामी बताते हैं कि शराब दुकान पर जाने वाले जगह नहीं मिलने पर हमारी इमारत के दरवाजे के सामने ही गाड़ियां खड़ी करके चले जाते हैं। किसे ढूढ़ें कि किसकी गाड़ी है? हमारी इमारत के आसपास शराबियों का जमघट लगा रहता है। हम कहेंगे तो नशे में वे लोग सुनेंगे भी नहीं। सर्विस रोड पर शराब की दुकान होनी ही नहीं चाहिए, लेकिन इसके लिए जिनको सोचने और करने की जिम्मेदारी है, वे ही बेखबर हैं। पिछली बार भी हमने दुकान का विरोध किया था। पुलिस वाले भी आए थे, लेकिन वे तो ऐसे बात कर रहे थे जैसे शराब दुकान संचालक के वकील हों।

हर दिन सर्विस रोड पर जाम - शराब दुकान के पास ही नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. वंदना तेलगोटे का क्लीनिक है। डा. वंदना भी इस शराब दुकान से बहुत परेशान हैं। वे बताती हैं कि जब भी मैं क्लीनिक से निकलती हूं, बाहर टूटी हुई बोतलें मिलती हैं। सर्विस रोड पर वाहन खड़े होने और ठेले लगने से जाम लग जाता है। किसी से कुछ बोल दो तो विवाद की स्थिति बन जाती है। पहले भी हमने इस शराब दुकान का विरोध किया, लेकिन आबकारी विभाग ने फिर लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया।

सहायक आयुक्त ने कहा - यह गलत है, ठेकेदार को देंगे निर्देश - विजय नगर स्कीम-54 की शराब दुकान से होने वाली समस्या के बारे में आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त राजनारायण सोनी से नईदुनिया ने विस्तृत बात की। रहवासियों और सर्विस रोड से गुजरने वाली आम जनता को शराब दुकान से होने वाली तकलीफों के बारे में बताया। इस पर सहायक आयुक्त ने कहा कि यह गलत है। हम ठेकेदार को निर्देश देंगे कि वह सर्विस रोड पर खड़े होकर पीने वालों को हटाने का इंतजाम करे। ऐसा कोई काम न करे जिससे आसपास रहने वालों को परेशानी हो।

Posted By: Hemraj Yadav

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