इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक शाला एक परिसर योजना के तहत एक ही परिसर में लगने वाले सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों को एक साथ एक ही समय पर तो कर दिया गया, लेकिन यहां छात्र किस हालत में पढ़ रहे, ये कोई नहीं देख रहा। मांगलिया के रामपीपल्या गांव में प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल के कुछ यही हाल हैं। यहां तीन कमरे हैं, लेकिन पहली से पांचवीं के करीब 70 छात्र एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक हैं। ऐसे में एक कमरे में तीनों शिक्षकों का पढ़ाना भी आसान नहीं है।

इस स्कूल परिसर में अन्य एक कमरे में कक्षा छठी और सातवीं, जबकि तीसरे कमरे में आठवीं के छात्र पढ़ते हैं। पहले दो शिफ्ट में यह स्कूल लगता था तो छात्रों को दिक्कत नहीं आती थी। स्कूल के शिक्षक मुकेश पटेल के मुताबिक कई वर्षों से इसी स्थिति में स्कूल का संचालन होता आ रहा है। हमने पूर्व में जिला शिक्षा विभाग के अफसरों को स्कूल परिसर में नए कक्ष बनवाने के लिए कहा था लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।

जिला पंचायत के सदस्य यशवंत कैलोदिया के मुताबिक करीब 10 साल पहले स्कूल भवन के विस्तार व निर्माण के लिए आठ लाख रुपए स्वीकृत हुए थे लेकिन ठेकेदार भवन निर्माण में घटिया मटेरियल का उपयोग कर रहा था। इस वजह से निर्माण कार्य रोका गया। उसके बाद से दोबारा इस स्कूल के भवन का निर्माण नहीं हो सका।

मंत्री व शिक्षा विभाग के अफसरों से कहा, फिर भी कुछ नहीं हुआ

हमने जिला पंचायत, स्कूल शिक्षा विभाग से लेकर सभी जगह स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए आवेदन दिया लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। हमारे पास इतना बजट नहीं है कि स्कूल के नए भवन का निर्माण करवा सकें। चार दिन पहले हमने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट से गुजारिश की है कि वे इस स्कूल के नए भवन का निर्माण करवा दें। - महेश सोलंकी, सरपंच रामपीपल्या

जगह कम होने पर दो शिफ्ट में लगा सकते हैं स्कूल

जिन स्कूलों में जगह की कमी है, वे दो शिफ्ट में लग सकते हैं। उस स्कूल में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के संबंध में मेरे पास कोई आवेदन नहीं आया। यदि कोई आवेदन आता है तो हम कक्ष के निर्माण की योजना बनाएंगे।- अक्षयसिंह राठौर, जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा विभाग