इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 141 दिन बाद वक्री शनिदेव 18 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर मार्गी होकर सीधी चाल चलेंगे। ज्योतिर्विदों के अनुसार उनके मार्गी होने पर शनि की साढ़े साती, ढैया के साथ शनि से पीड़ित लोगों को कष्टों से राहत मिलेगी। शनिदेव 24 जनवरी 2020 तक मार्गी रहेंगे। शनिदेव इससे पहले 30 अप्रैल 2018 को वक्री हुए थे। ज्योतिषियों के अनुसार शनि ग्रह के वक्री होने की वजह से लोगों को अपने जीवन में कई तहर की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब उनके मार्गी होने से यह परेशानियां हटने लगेंगी। इससे नौकरी एवं व्यवसाय में आ रहे संकट भी खत्म हो जाएंगे। इसका सीधा प्रभाव पेट्रोलियम पदार्थ और भूमि से होने वाले व्यापार पर भी पड़ेगा। इसके साथ ही शनि की महादशा से प्रभावित लोगों पर भी इसका प्रभाव दिखेगा।शनि के मार्गी होने का अलग-अलग असर 12 राशियों के जातकों पर पड़ेगा।

ज्योतिर्विद श्याम अग्रवाल के अनुसार धर्मग्रंथों में शनिदेव को क्रूर होने के साथ न्याय के देवता माना जाता हैं। शनिदेव मनुष्य के कर्म के आधार पर उसे फल प्रदान करते हैं। फिलहाल शनि धनु राशि में गोचर कर रहे हैं, लेकिन अब यह 18 सितंबर से धनु राशि में ही वक्री से मार्गी हो जाएंगे। इनके मार्गी होने से सभी राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

पं. ओम वशिष्ठ ने बताया कि मार्गी शनि धनु राशि में अगले वर्ष 24 जनवरी तक रहेंगे। इसके बाद वह मकर राशि में प्रवेश करेंगे। धनु राशि का स्वामी गुरु है। धनु राशि में शनि के साथ केतु भी रहेंगे। शनि कर्म और सेवा का कारक ग्रह माना जाता है। शनि मकर व कुंभ राशि का स्वामी है। शनि तुला राशि में उच्च का व मेष राशि में नीच का हो जाता है।

राशियों पर प्रभाव : किसी को मिल सकता विदेश जाने का मौका तो किसी को तरक्की

मेष : शनि आपकी राशि के नवें भाव में मार्गी हो रहे हैं। इससे मेष राशि वालों को आर्थिक लाभ होगा।

वृषभ: इस राशि के जातकों के लिए शनि आठवें भाव में मार्गी होंगे। इससे कष्टों से छुटकारा मिलेगा।

मिथुन : इस राशि के जातकों के सातवें भाव में शनि के मार्गी होने से सहयोगियों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे।

कर्क: शनि छठे भाव में मार्गी होने से कोर्ट कचहरी में लाभ मिलेगा। विदेश जाने के योग बनेंगे।

सिंह : शनि पांचवें भाव में मार्गी होने से संतान सुख मिलेगा। नौकरी बदलने के योग बन सकते हैं।

कन्या : शनि चौथे भाव में मार्गी से भूमि, भवन, वाहन मिलने के योग बनेंगे।

तुला : शनि तीसरे भाव में मार्गी होने से साहस में वृद्धि और यात्राओं के योग बनेंगे।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि के जातकों पर साढ़े साती का प्रभाव है। इस राशि में शनि दूसरे भाव में रहेंगे जिससे पैतृक संपत्ति में लाभ होगा।

धनु : धनु राशि के जातक भी साढ़े साती के प्रभाव में हैं। शनिदेव धनु राशि के जातकों के लग्न में रहेंगे जिससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

मकर : शनि 12वें भाव में मार्गी रहेंगे। मकर राशि के जातकों पर साढ़े साती का प्रभाव है। विदेश जाने के योग बन सकते है।

कुंभ : शनि 11वें भाव में होने से लाभ के योग के साथ नए अवसर मिलेंगे।

मीन : शनि इस राशि के 10वें भाव में रहेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में ख्याति मिल सकती है।