- उषानगर एक्सटेंशन कॉलोनी का मामला, अब तक नहीं हुआ मंदिर का निर्माण

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लोगों की आस्था का प्रतीक शीतला माता मंदिर की वेदी के बजाय महीनों से एक बेंच पर बैठी हैं। जिन घरों में शादी-ब्याह हैं वे परिवार माता पूजन के लिए जब मंदिर पहुंचते हैं तो उन्हें माता बेंच पर बैठी नजर आती हैं। नजारा वार्ड 71 की उषानगर एक्सटेंशन कॉलोनी का है। नगर निगम द्वारा विकास के नाम पर तोड़े गए मंदिर के निर्माण में हो रही देरी अब क्षेत्र के रहवासियों की नाराजगी बढ़ाने लगी है।

निगम ने सबसे पहले वार्ड-71 को ही शहर का आदर्श वार्ड घोषित किया था। बीते छह वर्षों में विकास के तमाम दावे हुए। इस बीच आधे-अधूरे कामों को लेकर लोगों का अंसतोष सामने आता रहा। अब आस्था को धक्का लगा तो लोगों ने निगम के रवैये को कठघरे में खड़ा कर दिया। कॉलोनी के सार्वजनिक बगीचे में गणेश मंदिर बना है। मंदिर के पास में पहले शीतला माता मंदिर भी था। रहवासियों के अनुसार, शीतला सप्तमी जैसे खास त्योहार के साथ विवाह वाले घर के लोग भी माता पूजन के लिए इसी मंदिर में आते थे। रहवासियों के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले तत्कालीन क्षेत्रीय पार्षद भरत पारिख ने निगम के जरिए बगीचे का सौंदर्यीकरण करवाने की बात कही। सौंदर्यीकरण के साथ कहा गया कि शीतला माता मंदिर को भी नया बनाया जाएगा। इसके तुरंत बाद मंदिर तोड़ दिया गया और अंदर विराजित पिंडियों को गणेश मंदिर में लोगों के बैठने के लिए बनी लोहे की एक बेंच पर रख दिया गया। हमें उम्मीद थी कि मंदिर तोड़ा है तो तुरंत निर्माण भी शुरू हो जाएगा। छह महीने से ज्यादा समय बीत गया, मंदिर बनना तो दूर निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हुआ। तब से माता की पिंडियां अब तक बेंच पर रखी हुई हैं। अब शादी-ब्याह शुरू हुए तो लोगों को कॉलोनी का मंदिर छोड़कर दूसरे मंदिर में पूजन के लिए जाना पड़ रहा है।

बगीचे में काम शुरू, मंदिर में नहीं

क्षेत्रीय रहवासियों के मुताबिक, कई बार टोकने के बाद भी निगम और पूर्व पार्षद मंदिर नहीं बनवा रहे। बीते दिनों बगीचे का सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू हो गया लेकिन मंदिर की ओर ध्यान नहीं दिया गया। मंदिर के पुजारी ओम वशिष्ठ के मुताबिक, बेंच पर रखी पिंडियां की हम रोज पूजा कर रहे हैं। मंदिर जल्दी बनवाने को लेकर कई बार पूर्व पार्षद और निगम अफसरों से आग्रह कर चुके हैं। काफी दिनों पहले कहा था कि मंदिर नहीं पेड़ के नीचे चबूतरा बनाकर वहां माता की पिंडियां विराजित करेंगे लेकिन अब तक चबूतरा भी नहीं बना।

वर्जन

काम में देरी रहवासियों के कारण ही हो रही है। दो बार रहवासियों ने प्लानिंग बदलवा दी। एक ठेकेदार रहवासियों के हस्तक्षेप के कारण भाग चुका है। उसे ब्लैक लिस्टेड किया है। बाद में पांच बार टेंडर करवाए। अब नया ठेकेदार काम करने आया है। हम पीपल के पेड़ के नीचे पिंडियों के लिए चबूतरा बनवा रहे हैं।

- भरत पारिख, पूर्व पार्षद

Posted By: Nai Dunia News Network

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