इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दस दिन से अचानक लापता दुकानदार को पुलिस ने जयपुर से बरामद कर अपहरण का फिल्मी अंदाज में पटाक्षेप कर दिया। उसने पत्नी और सालों से फिरौती वसूलने के लिए टीवी क्राइम सीरियल देख खुद के अपहरण का षड्यंत्र रचा था। साजिश के तहत अलग-अलग होटलों में रुका और हाथ-पैर बंधे हुए खुद के अर्धनग्न फोटो भेजकर रुपए की मांग करने लगा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उस पर डेढ़ लाख का कर्ज हो गया था। पुलिस फर्जी कहानी गढ़ने के आरोप में दुकानदार के विरुद्ध कोर्ट में इश्तगासा पेश करेगी। एएसपी (पूर्वी-3) शैलेंद्रसिंह चौहान के मुताबिक, वाकया खजराना थाना क्षेत्र स्थित न्यू हरसिद्धि नगर का है। मोबाइल दुकान संचालक 30 वर्षीय मनोज पिता कुंवरपालसिंह चौधरी 10 अक्टूबर को अचानक लापता हो गया था। पत्नी भारती ने कहा कि मनोज किराना सामान लेने जाने का बोलकर घर से निकला था।

उसका फोन भी बंद आ रहा है। भारती की शिकायत पर पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर जांच में जुटी थी कि 13 अक्टूबर को घटना में नया मोड़ आ गया। भारती थाने पहुंची और कहा कि मनोज का अपहरण हुआ है। अपहरणकर्ता मैसेज कर चार लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। सरेराह अपहरण की घटना से पुलिस सकते में आ गई और अलग-अलग टीमें गठित कर मनोज की तलाश शुरू कर दी। जांच में खुलासा हुआ कि मनोज जिस नंबर से मैसेज कर रहा है उसकी लोकेशन भी लगातार बदल रही है। मैसेज करने के बाद मोबाइल भी बंद कर लेता है। अनहोनी के डर से अफसरों ने फिरौती देने का प्रलोभन दिया और टीमें रवाना कर दीं।

फिरौती नहीं दी तो हिंडन नदी से लाश निकालकर ले जाना

टीआई प्रीतमसिंह ठाकुर के मुताबिक, मनोज ने सबसे पहले भाई रणवीर की पत्नी रीना के मोबाइल पर मैसेज भेजा। इसमें लिखा कि मनोज का अपहरण हुआ है, रिहाई के एवज में चार लाख रुपए चाहिए। रीना ने भारती को घटना बताई और पड़ोसी रवि के फोन से चेटिंग की। मनोज ने रवि व रीना के मोबाइल पर फोटो भेजे जिनमें उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। कुछ फोटो में आंखों पर पट्टी थी और अर्धनग्न अवस्था में कुर्सी पर बैठा था। वह व्हॉट्सएप पर चेटिंग कर खातों में रुपए जमा कराने का दबाव बनाता था। रुपए नहीं देने पर गाजियाबाद की हिंडन नदी के फोटो भेजकर उसमें से लाश निकालकर ले जाने की धमकी देता था।

पत्नी को मायके जाने का बोलते ही चाल समझ गई पुलिस

पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन निकाली तो दिल्ली, मथुरा, हरिद्वार और जयपुर की निकली। भारती ने कहा कि पति रोज शाम को बात भी करता है। वह बार-बार मायके जाने का बोलता है। इससे शक गहरा गया। एक टीम आनन-फानन में जयपुर रवाना की और मोबाइल लोकेशन के आधार पर छानबीन शुरू कर दी। शनिवार को वह जैसे ही खाना खाकर होटल पहुंचा टीम ने दबोच लिया। मनोज ने कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह मोबाइल दुकान चलाता था। पत्नी को भी किराना दुकान खुलवा दी थी। उस पर डेढ़ लाख रुपए का कर्ज हो गया था। कर्जदार परेशान करने लगे थे। वह पत्नी के माध्यम से सालों से रुपए लेना चाहता था। उसने टीवी सीरियल देख खुद के अपहरण का षड्यंत्र रचा और होटलों में रुकने लगा। मोबाइल कैमरे में टाइमिंग सेट कर खुद को बंधक बनाने वाले फोटो खींचकर व्हॉट्सएप कर देता था।

Posted By: Nai Dunia News Network