इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पंजाबी समाज ने लोहड़ी और पंजाबी समाज ने लाललोई हर्षोल्लास से मनाई। इस मौके पर सिंधी और पंजाबी बहुल इलाकों में रौनक देखते ही बन रही थी। लाड़काना नगर युवा संगठन द्वारा लाड़काना नगर में बड़ी धूमधाम के साथ लाललोई माता का पूजन कर गाय के शुद्ध कंडों से लाललोई जलाकर महिलाओं और बालिकाओं ने लोई माता की पूजा की।

इसके बाद परिक्रमा लेते हुए संकल्प लिया कि आने वाले साल में पुरानी कुरीतियों, द्वेष और रंजिशों को भुलाकर आपस में मिलजुलकर त्यौहार मनाएंगे। लाड़काना नगर युवा संगठन के नरेश फुंदवानी ने बताया कि लाललोई (लोहड़ी) पर्व सिंधी और पंजाबी परिवारों में मनाया जाता है। सिंधी समाज के सभी परिवार अपने अपने इलाकों में सामूहिक रुप से एकत्रित होकर सामूहिक रुप से हर परिवार से लकड़िया इक्कठी करके उन्हें प्रज्वलित कर लाललोई की परिक्रमा कर जय जयकार करते हुए नारियल और रेवड़ी और तिल से बनी हुई वस्तुयों का प्रसाद बांटकर माता से मन्नत मांगते है।

मन्नत पूरी होने पर अगले वर्ष के लाललोई पर्व पर मिठाईयां बांटकर सामूहिक रुप से खुशियां मनाए जाने का संकल्प लेते है। लाललोई पर्व सिंधी बाहुल्य इलाके लाड़काना नगर, सिंधी कॉलोनी, सिंधु नगर, जयरामपुर कॉलोनी, काटजू कॉलोनी, जयजगत कॉलोनी, द्वारकापुरी, कमला नेहरू नगर सहित अनेक इलाको में मनाया गया। इस बार लाललोई पर्व पर इंदौर सिंधी समाज के कई संगठनों ने एकजुटता से सिंधी त्योहारों को मनाने का संकल्प एवं लाललोई माता से कोरोना महामारी जल्द से जल्द पूरे विश्व मे खत्म होने की आराधना की गई।

भारतीय सिंधु सभा की महामंत्री चांदनी फुददवानी ने बताया कि इस वर्ष भी सिंधी समाज द्वारा लोहड़ी एवं लाललोई उत्सव पर पर्यावरणहित एवं गोमाता की रक्षा का संकल्प लेकर मनाया गया। इसके लिए शहर के अनेक सिंधी बाहुल्य इलाकों में देशी गोमाता के कंडों द्वारा लाललोई जलाकर उत्सव मनाया गया। देशी गोमाता के कंडों से लाललोई जलाने के परिणाम स्वरूप गोशालाएं स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनेगी ।

Posted By: Sameer Deshpande

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