Bharat Jodo Yatra: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का मध्य प्रदेश में आज छठा दिन है। राहुल गांधी ने इंदौर के पास ग्राम बरौली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि मैं आंकड़ों में भरोसा नहीं रखता। कन्याकुमारी से मध्य प्रदेश तक जनता की शक्ति यात्रा को मिली है। शुरू में लोगों ने कहा था केरल में सफल होगी, लेकिन बाद में दिक्कत होगी। कर्नाटक में आए तो कहा साऊथ में सफल होगी लेकिन बाद में दिक्कत होगी, फिर महाराष्ट्र और अब मध्य प्रदेश में भी सफल यात्रा हुई है। उन्होंने कहा कि अब यह सिर्फ कांग्रेस की यात्रा नहीं रहीं, सभी इसमें जुड़ गए हैं। नईदुनिया द्वारा इडब्ल्यूएस आरक्षण के खिलाफ कांग्रेस के ही नेता द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करने के सवाल को राहुल गांधी टाल गए, बोले राजनीतिक बातें नहीं करूंगा।

राहुल गांधी ने कहा कि यह यात्रा नफरत को खत्म करने की यात्रा है। बेरोजगारी के खिलाफ, महंगाई के खिलाफ है। मैं राजनितिक मुद्दे मैं उठाना नहीं चाहता। मुझे लगा देश में जो नफरत व हिंसा फैलाई जा रही है वह खतरनाक है, मेरी जिम्मेदारी हैं कि मैं इसके खिलाफ कुछ करुं। यही भावना बहुत से लोगों में है, भाजपा के लोगों में भी यही भावना है। बहुत सारे लोग हैं, मैंने फायदे का सोच के नहीं किया, मैं यात्रा पूरी करूंगा।

जो पैसे देकर खरीदे गए उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए

कांग्रेस सरकार गिराने वालों की वापसी के सवाल पर राहुल गांधी बोले, यह आप कांग्रेस अध्यक्ष से पूछें। मेरा मानना है की यदि वे पैसे से खरीदे गए हैं तो उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। भारत ने अपने सबसे बुरे वक्त में भी इतना डर का माहौल नहीं देखा, हमारी सांस्कृतिक विविधता, भाईचारा ही सबसे बड़ी मजबूती रही है। इस यात्रा का लक्ष्य राजनीतिक नहीं है।

इंदौर और एमपी जैसा प्यार कहीं नहीं मिला

राहुल ने कहा कि हम लोगों को हमारा इतिहास याद दिला रहे हैं। जिस रास्ते पर अभी भारत है इससे देश को बड़ा नुकसान होने वाला है। मैं चुनाव, राजनीति की बात नहीं कर रहा, न सोच रहा हूं, यह मेरी तपस्या है। मैं केरल से निकला तो दिमाग में था कि इतना प्यार कहीं नहीं मिलेगा। फिर महाराष्ट्र में उससे ज्यादा मिला और अब लगता है की जितना प्यार इंदौर और मध्य प्रदेश में मिला वैसा कहीं नहीं मिला।

राहुल ने इसे बताया यात्रा का सबसे सुखद क्षण

राहुल बोले कई क्षण रहे हैं, ऐसी यात्रा मैंने पहले कभी नहीं की। पहले 5-10 दिन बाद पता चला हजारों किमी चलना है। घुटने की पुरानी चोट का दर्द उभरा, लगा चल पाऊंगा या नहीं, मगर चलना तो था। बहुत से लोग बात करते हैं, चलते वक्त धक्का लगता है तो दर्द होता है। एक छोटी सी लड़की आई मगर दूर चल रहीं थी, उसने एक चिठ्ठी दी बोली बाद में पढ़ना। थोड़ी देर बाद सोचा पढ़ लेता हूं। उसमें लिखा था ये मत सोचो आप अकेले हो, मैं भी आपके साथ चल रहीं हूं, ऐसे बहुत से लोग हैं। पहले मैं एक घंटे में विचलित होता था। धक्का लगने पर नाराज होता था, अब आठ घंटे में भी विचलित नहीं होता। धैर्य बढ़ा है, लोगों को सुनने का तरीका बदला है, लोगों को समझने लगा हूं। बेरोजगारी बढ़ने का कारण यह है की देश का पूरा धन तीन चार लोगों के पास आ गा है। इनका एकाधिकार होता जा रहा है। छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं, जीएसटी और नोटबंदी से नुकसान हुआ। देश की नींव किसान हैं, उन्हें अकेला छोड़ दिया हैं। उन्हें खाद नहीं मिलता, इस सामाजिक ढांचे की रक्षा करना जरुरी हैं।

जनता की आवाज को सुनना होगा

राहुल गांधी ने कहा देश को चलाना एक बहुआयमी काम है। जनता की आवाज को सुनना होगा। यूपीए की सरकार में हमने मनरेगा योजना बनाई, लोग आए कि आपने मजदूरी बढ़ाई तो उनका फायदा हुआ, लेकिन हमारे बारे में नहीं सोचा। हमने किसानों का कर्जा माफ किया। देश जनता के विचार से चलना चाहिए। राहुल गांधी ने दोबारा अमेठी से चुनाव लड़ने की संभावना के बारे में बोलने से मना किया। बोले अभी भारत जोड़ो यात्रा की बात करूंगा। राजस्थान में गेहलोत द्वारा सचिन पायलट को गद्दार कहने के सवाल पर बोले दोनों नेता कांग्रेस के लिए अहम हैं। इस विवाद का यात्रा पर असर नहीं होगा।

जब बड़ी शक्तियों से लड़ते हो तो निजी हमले होते हैं

यात्रा के दौरान निजी हमले पर बोले- भाजपा की समस्या यह है कि उन्होंने हजारों करोड़ रुपये मेरी छवि खराब करने में लगा दिए। मगर सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता, वे मुझे मानसिक रूप से मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब आप बड़ी शक्तियों से लड़ते हैं तो निजी हमले होते हैं, मुझे लगता है की मैं सही दिशा में जा रहा हूं। लड़ाई सामने वाले की सोच को गहराई से समझने की है, मैं आरएसएस और भाजपा की सोच को समझने लगा हूं। पहले इस तरह की यात्रा करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि चीजें समय से होती हैं। जब 25-26 साल का था तब सोचा था यात्रा करुं, कोरोना के कारण यात्रा की योजना टल गई।

यात्रा के दौरान, जय श्रीराम और मोदी-मोदी के लगे नारे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सोमवार को इंदौर में सांवेर रोड पर माडर्न चौराहे के पास भाजपा के दो कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाने के बाद मोदी-मोदी के नारे लगाए। नारे लगाने के बाद पुलिस उनकी ओर पहुंची। पदयात्रा कर रहे राहुल ने भी दोनों युवकों को अपने पास बुलाया लेकिन वे भाग गए। वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, राहुल दोनों युवकों से मिलकर गले लगाना चाहते थे। इस दौरान दो मिनट के लिए यात्रा रुकी रही, फिर आगे बढ़ गई।

यह वीडियो भाजपा के क्षेत्र क्रमांक दो के मीडिया प्रभारी लक्ष्मीनारायण पानेरी ने भी ट्वीट किया। बाद में पता चला कि यह युवक इंदौर के विधानसभा क्रमांक-2 के भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी लक्ष्मीनारायण पानेरी और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता हिमांशु मालवीय थे। पानेरी ने बाद में अपने ट्विटर अकाउंट पर भी नारे लगाने का वीडियो शेयर किया। अपने ट्विटर अकाउंट में उन्होंने वीर सावरकर का फोटो लगाया हुआ है। कांग्रेस की यात्रा में नारे लगाने के कारण पर बाद में पानेरी ने बताया कि हम तो अपने नेता का नाम लेकर राहुल गांधी का स्वागत कर रहे थे, इसमें बुरा क्या है? यह तो अभिव्यक्ति की आजादी है।

पर विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर इस तरह नारेबाजी करने से आपसी विवाद भी हो सकता था? इस सवाल पर पानेरी ने कहा कि हमने इस दूसरे पहलू के बारे में सोचा भी नहीं था। माफी चाहते हैं, यदि कोई गलती हुई है तो, माफी चाहते हैं... आगे ध्यान रखेंगे। पानेरी ने बताया कि हमारी मंशा गलत नहीं थी। सांवेर रोड पर जब यात्रा पहुंची और हम वहां मौजूद थे तो सब अनायास हो गया। नारेबाजी के बाद विवाद न हो, इसलिए हम वहां से चले गए। बाद में हमें पता चला कि राहुल हमें बुला रहे थे और गले लगाना चाहते थे।

सुबह राहुल गांधी शहर के बड़ा गणपति में भगवान गणेश के दर्शनों के बाद उज्जैन के लिए रवाना हुए। सुबह से ही लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। इसमें विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, सचिन यादव, अरूण यादव सुबह करीब साढ़े पांच बजे ही यहां पहुंच चुके थे।

दिग्विजय सिंह भी सुबह बड़ा गणपति पहुंच गए थे। इनके साथ वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर भी शामिल हुए। राहुल गांधी की यात्रा के लिए लोग सुबह से ही यहां पहुंचना शुरू हो गए थे। यात्रा सुबह करीब सवा छह बजे बड़ा गणपति से शुरू हुई।

यहां से जिंसी होते हुए आगे बढ़ी और मरीमाता चौराहे तक पहुंची। यात्रा ने करीब 20 मिनट में बड़ा गणपति से मरीमाता का सफर पूरा किया।

मरीमाता चौराहे से आगे राहुल गांधी की यात्रा के स्वागत के लिए दीपू यादव ने मंच लगा रखा था। इस मंच पर राहुल गांधी ने मलखंब पर प्रदर्शन कर रहीं बच्चियों का उत्साहवर्धन किया। कुछ देर के लिए वह वहां रूके रहे। राहुल गांधी कांग्रेस के विधायक संजय शुक्ला के निवास पर नहीं रूके। उन्होंने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। हालांकि पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी संजय शुक्ला के निवास पर रूकने वाले थे।

कुछ आगे बढ़ने के बाद राहुल गांधी ने कुछ देर साइकलिंग भी की। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के लिए साइकिल की व्यवस्था की थी। यहां से कुछ देर आगे बढ़ने के बाद सांवेर रोड पर स्थित मेरी मर्जी होटल के पास यात्रा कुछ देर के लिए रूकी। राहुल गांधी इसके बाद आगे बढ़ गए और रेवती रेंज के पास बीएसएफ के जवानों से मुलाकात की।

बारोली टोल नाका निकलने के बाद राहुल गांधी कार में कमलनाथ के साथ बैठे और संजय शुक्ला के फॉर्म हाउस में नाश्ते के लिए गए। टोल नाके पर वाहनों का जाम लग गया। वाहनों को बिना टोल दिए जाने का भी मौका मिल गया।

कांग्रेस नेत्री नूरी खान के साथ कार्यकर्ताओं ने फोटो खिंचाए।

Posted By: Sameer Deshpande

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