इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर शहर में मेट्रो के काम ने गति पकड़ ली है। बीते साल स्टेशन के काम का भूमिपूजन मुख्यमंत्री के हाथों होने के बाद अब चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे के बाद मेघदूत पार्क के सामने स्टेशन बनाने का काम शुरू होगा। यहां मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं। यहां से मिट्टी के 10-10 बार तक नमूने लिए जा रहे हैं जिससे आगे जाकर किसी तरह की परेशानी नहीं आए। शहर में 31 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए काम शुरू हो गया है। दिसंबर में इंदौर आए मुख्यमंत्री ने चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे पर बनने वाले स्टेशन का भूमिपूजन किया था। गांधीनगर से एमआर-10 ब्रिज के हिस्से में करीब 11 किलोमीटर का मेट्रो कारिडोर और इस हिस्से के नौ स्टेशनों के निर्माण किया जाएगा। इसका ठेका 1034 करोड़ रुपये में दिया गया है, जबकि एमआर-10 ब्रिज से विजय नगर होते हुए रोबोट चौराहे तक सात स्टेशनों का निर्माण 382 करोड़ में रुपये में होगा।

यह कार्य भी आरवीएनएल करेगा। अभी बापट चौराहे और सयाजी चौराहे के पास में मिट्टी के नमूने लेने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि चूंकि यहां स्टेशन बनने हैं, इसलिए सतर्कता बरतते हुए एक स्टेशन की जगह से 10 नमूने तक लिए जा रहे हैं। आइएसबीटी के यहां पर पहला मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा, जबकि इसके बाद गांधीनगर में स्टेशन बनाया जाएगा। पहले चरण में करीब 16 स्टेशन बनाए जाएंगे। सुपर कारिडोर पर भी मेट्रो का काम तेजी से किया जा रहा है।

कुछ ऐसे रहेंगे स्टेशन

जानकारी के अनुसार तय प्लानिंग में सुपर कारिडोर पर छह और एमआर 10 पर 10 स्टेशन होंगे। भौंरासला चौराहे पर एलिवेटेड स्टेशन होगा। फिर मेट्रो एमआर-10, आइएसबीटी, चंद्रगुप्त चौराहा, हीरा नगर, बापट चौराहा, मेघदूत गार्डन, विजय नगर चौराहा और रेडिसन चौराहे तक सीधी जाएगी। इसके बाद मेट्रो रिंग रोड पर मुड़ेगी और रिंग रोड पर सिर्फ तीन स्टेशन मुमताज बाग, खजराना और बंगाली चौराहे तक जाएगी। पत्रकार कालोनी चौराहे पर एलिवेटेड स्टेशन बनेगा।

यहां से 646 मीटर दूर पलासिया चौराहे पर स्टेशन होगा। दो स्टेशन के बीच यह सबसे कम दूरी है। वहीं, रूट का आखिरी एलिवेटेड स्टेशन रेलवे स्टेशन पर होगा। इसके बाद मेट्रो बड़ी लाइन का रेलवे ट्रैक पार करने के बाद जिला कोर्ट के सामने से भूमिगत मार्ग पर चली जाएगी और सीधे राजवाड़ा पैलेस वाले स्टेशन पर रुकेगी। इन्हीं दो स्टेशनों की दूरी पूरे रूट पर सबसे ज्यादा 1848 मीटर होगी। विमानतल तक भूमिगत ही चलेगी। इसके बाद गांधीनगर का स्टेशन एलिवेटेड होगा।

Posted By: Prashant Pandey

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