Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पैर में मोच और दिमाग में छोटी सोच आदमी को कभी आगे नहीं बढ़ने देती। कदम हमेशा सम्हलकर रखिए और सोच हमेशा ऊंची। एक मिनट में जिंदगी नहीं बदलती, पर एक मिनट में सोचकर लिया गया फैसला पूरी जिंदगी बदल देता है। केवल किस्मत के भरोसे मत बैठे रहिये। जीवन में योग्यताओं को हासिल कीजिए। किस्मत से कागज तो उड़ सकता है, पर पतंग तो काबिलियत से ही उड़ेगी।

यह बात उपाध्याय ललितप्रभ ने नावदापंथ में कही। वे इंदौर आगमन से पहले गुरुभक्तों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि याद रखें, भाग्य हाथ की रेखाओं में नहीं अपितु व्यक्ति के पुरुषार्थ में छिपा है। इस दुनिया में नसीब तो उनका भी होता है जिनके हाथ नहीं होते है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास जगाइये। खाली बोरी कभी खड़ी नहीं रह सकती और तकिये से कभी कील ठोकी नहीं जा सकती। याद रखिए, पूरी दुनिया में इंसान ही एक मात्र ऐसा प्राणी है जो उठना चाहे तो देवता से भी ऊपर उठ सकता है और गिरना चाहे तो जानवर से भी नीचा गिर सकता है। हार और जीत हमारी सोच पर निर्भर है।

मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत है। लोग अपने हाथों का उपयोग हाथ पर हाथ रखने के लिए करते हैं। वे हमेशा खाली हाथ ही बैठे रहते हैं। भाग्य की रेखाएं चमकाने के लिए लक्ष्य के साथ मेहनत कीजिए, आप पाएंगे आपकी किस्मत केवल चार कदम दूर थी। भाग्य को हरा-भरा रखने के लिए सदा सत्कर्म का पानी डालते रहिये। आखिर हरी घास तभी तक हरी रहेगी, जब तक उसे पानी मिलता रहेगा। जीवन में केवल लाभ ही मत कीजिए कभी उसे पलट कर लोगों का भला भी कीजिए।

कार्यक्रम में राजेंद्र लोढ़ा, कांतिलाल बम, अशोक लोढ़ा, सुरेश डोसी, क्षेणिक कुमार लुणावत, मनोज लोढ़ा आदि अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। समिति के रोहित मुणोत ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक रविंद्र नाट्यगृह में जीवन को कैसे स्वर्ग बनाए विषय पर प्रवचन होंगे।

Posted By: Sameer Deshpande

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