इंदौर। रविवार को विजयनगर स्थित एक निजी गार्डन में इंदौर पुलिस का एक नया चेहरा सामने आया। दरबार सजा हुआ था लेकिन चोर, पुलिस, डंडा, फटकार नहीं बल्कि सुरीले गीतों की महफिल सजी हुई थी। एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने माइक थामा और कर्णप्रिय गीतों की प्रस्‍‍तुति से समां बांध दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इन प्रस्‍तुतियों की मुक्‍त कंठ से तारीफ की। अपने व्‍यस्‍त शेड्यूल के बीच इंदौर पुलिस के इस कार्यक्रम को आकर्षक प्रस्‍तुतियों ने यादगार बना दिया।

एसएसपी ने ना तेरे बिन लगता है जी गाकर समा बांध दिया

इस कार्यक्रम में एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने कार्यक्रम में सुर-ताल साधते हुए ना तेरे बिन लगता है जी गाकर समा बांध दिया। वे गाने की शौकीन हैं यह तो स्टाफ को पता था लेकिन वे खुद भी इतना अच्छा गाती हैं इस अंदाज में गाते सुन सब अचंभित रह गए।

सामाजिक और सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों में प्रेरक संबोधन भी

उल्‍लेखनीय है कि एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र पहले भी शहर में सामाजिक और सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के दौरान न केवल अपने प्रेरक संबोधन बल्कि संगीत के प्रति अपने शौक की वजह से अलग पहचान बना चुकी हैं।

पुलिसकर्मियों के लिए रस्सा कसी, बोरा रेस और अन्य प्रतियोगिताएं भी हुईं

इस मौके पर रस्सा कसी, बोरा रेस और अन्य प्रतियोगिताएं भी हुईं। इन प्रतियोगिताओं में पुलिस अफसरों और कर्मचारियों ने पूरे उत्‍साह और जोश के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम में विजय नगर, लसुड़िया, कनाड़िया, खजराना, एमआईजी, तिलकनगर थाना क्षेत्र के पुलिस अफसरों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी की यह राय थी कि इस तरह के कार्यक्रम लगातार होते रहना चाहिये ताकि पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्‍य निर्वहन के लिए नए सिरे से ऊर्जा मिल सके।

Posted By: Hemant Upadhyay