Startups of Indore: गजेंद्र विश्वकर्मा, इंदौर (नईदुनिया)। इंदौर में स्टार्टअप का माहौल अब पहले से बेहतर हो चुका है। अब यह स्थिति है कि हर महीने किसी न किसी कंपनी को फंडिंग मिल रही है। सितंबर से नवंबर के बीच की बात करें तो पांच स्टार्टअप को फंडिंग मिली है। इसमें इंदौर की शेरोसाफ्ट को 30 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है। हेल्थकेयर और एक शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टार्टअप को भी 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग मिली है। इसके अलावा दो और स्टार्टअप को फंडिंग मिली है।

सबसे स्वच्छ शहर इंदौर पर अब निवेशकों की नजर पड़ गई है। अतः अब शहर के स्टार्टअप को धनराशि के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यदि आइडिया अच्छा है और उसमें संभावनाएं हैं तो निवेशक खुद इंदौर आकर निवेश कर रहे हैं। शहर से ईकेआइ एनर्जी स्टार्टअप यूनिकार्न बन चुका है। यानी कंपनी की नेटवर्थ 6500 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है। एक दूसरा स्टार्टअप जो विजय नगर में स्थित है, वह भी इसके आसपास पहुंच चुका है। चार से पांच हजार करोड़ के नेटवर्थ में दो और नाम शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर का कोई भी स्टार्टअप अब नुकसान में नहीं है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कई छोटे स्टार्टअप जो अब बड़े हो गए हैं, वे भी छोटे स्टार्टअप को मदद करने के लिए फंडिंग कर रहे हैं। इसके बहाने उन्हें कुछ प्रतिशत का मुनाफा मिल जाता है। आने वाले दो वर्ष में कुछ और स्टार्टअप यूनिकार्न में बदल जाएंगे।

कुछ और स्टार्टअप को यूनिकार्न बनाना सरकार का लक्ष्य

मध्य प्रदेश स्टार्टअप नीति की शुरुआत के साथ ही सरकार ने प्रदेशभर के स्टार्टअप की समीक्षा की थी। इसमें यह जानने की कोशिश की गई थी कि किन क्षेत्रों में स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है। इसमें बेहतर आंकड़े एकत्रित हुए थे। 2022 में पता लगा कि शहर में विभिन्न क्षेत्रों के 700 स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं और इन्हें लगातार गति मिल रही है। कुछ ऐसे स्टार्टअप भी चिन्हित हुए हैं जो घरों के अंदर से चल रहे हैं और अपने उत्पाद विदेशों तक भेज रहे हैं। इसमें एक यूनिकार्न कंपनी का नाम भी शामिल है। प्रदेश सरकार इन्हें भी मदद कर रही है।

विचार अच्छा तो सफलता पक्की

इंदौर आंत्रप्रेन्योर नेटवर्क के फाउंडर अतुल भरत का कहना है कि इंजीनियरिंग पढ़ रहे 20 से 25 प्रतिशत युवा नौकरी करने के बजाए अब खुद के आइडिया पर स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। आइडिया, उत्पाद अच्छा है तो बहुत कम रुपयों में भी इसकी शुरुआत की जा सकती है।

इंदौर में 2016 से अब तक यह है स्टार्टअप की स्थिति

  • 2016-18 में इंदौर में केवल 300 स्टार्टअप हुआ करते थे। इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा खाने-पीने के होते थे।
  • 2018 के बाद स्थिति बदल चुकी है। इसमें आइटी, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी स्टार्टअप भी शुरू हुए।
  • 2012 में स्टार्टअप की संख्या 700 हो गई।
  • 2018 तक फंडिंग मिलने में परेशानी आती थी।
  • 2020 के बाद अच्छे आइडिया और उत्पाद वाले स्टार्टअप को आसानी से फंडिंग मिल रही है।
  • 2021-22 में 1500 करोड़ रुपये की फंडिंग इंदौर के स्टार्टअप को मिली और एक स्टार्टअप यूनिकार्न बना।
  • 2023 तक और स्टार्टअप यूनिकार्न श्रेणी में शामिल होंगे।

Posted By: Hemraj Yadav

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