इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अक्षर स्कूल आफ नर्सिंग और प्रयागराज स्कूल आफ नर्सिंग के विद्यार्थियों की समस्याएं यथावत हैं। दोनों कालेजों में कुछ अनियमिततताओं के कारण विद्यार्थी अपने मूल दस्तावेज और जमा की गई फीस वापस लेना चाहते हैं, लेकिन कालेज प्रबंधन देना नहीं चाहते। इस कारण विद्यार्थी परेशान हैं और नए संस्थान में प्रवेश भी नहीं ले पा रहे हैं। प्रशासन को शिकायत के बाद दोनों कालेजों के खिलाफ कार्रवाई तो शुरू की गई लेकिन अक्षर नर्सिंग कालेज का मामला हाई कोर्ट में चले जाने से प्रशासन रुका हुआ है तो प्रयागराज नर्सिंग कालेज की कार्रवाई भी आगे नहीं बढ़ पा रही है।

प्रशासन की जांच में अक्षर नर्सिंग कालेज बिना मान्यता के चलते पाया गया था। साथ ही इसमें नियमों का कोई पालन नहीं किया जा रहा था। दो कमरों में कालेज पाया गया और जिस भवन में कालेज लग रहा था, वहां गेहूं और लहसुन भरा हुआ था। अनियमितताओं के कारण प्रशासन ने कालेज को सील कर दिया था, लेकिन विद्यार्थियों की समस्याएं अब तक दूर नहीं हुईं। कालेज द्वारा पासआउट विद्यार्थियों को उनकी मार्कशीट और अन्य दस्तावेज नहीं लौटाए जा रहे हैं। इस कारण नर्सिंग काउंसिल में उनका पंजीयन भी नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अपनी फीस वापस लेकर किसी दूसरे मान्यता प्राप्त और नियम-कायदे वाले कालेज में प्रवेश लेना चाहते हैं। इन विद्यार्थियों को भी कालेज फीस नहीं लौटा रहा है।

ठगा महसूस कर रहे विद्यार्थी - उधर प्रयागराज कालेज के विद्यार्थियों का कहना है कि प्रबंधन ने इंदौर में कालेज के नाम पर हमारा प्रवेश कराया लेकिन अब हमें पीथमपुर भेजा रहा है। शुरुआत में हमें बताया गया कि एक महीने ही पीथमपुर जाना पड़ेगा। इंदौर में नया कालेज भवन बन रहा है, तब वहां स्थानांतरित कर देंगे। प्रबंधन की बातों में आकर हमने प्रवेश ले लिया, लेकिन चार महीने कालेज जाने के बाद भी कुछ नहीं हो पाया। प्रशासन के अधिकारियों ने प्रयागराज कालेज की संचालकों को बुलाकर बच्चों के दस्तावेज और फीस लौटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक विद्यार्थी परेशान हैं।

Posted By: Hemraj Yadav

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