इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सिंगापुर टाउनशिप (तलावलीचांदा) निवासी 19 वर्षीय खुशी बुंदेला ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। कोरोना के कारण दो साल से पढ़ाई नहीं हो रही थी। खुशी अवसाद में चली गई और फांसी लगा ली। स्वजन ने एमवाय अस्पताल के डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

एएसआइ अनिल सिलावट के मुताबिक घटना 18 दिसंबर की है। मूलत: छतरपुर के रहने वाले इंद्रवीरसिंह बुंदेला गार्ड की नौकरी करते थे। उनकी दो बेटियां निजी कंपनी में नौकरी करती थी। खुशी भी पढ़ना चाहती थी लेकिन कोरोना के कारण दो साल से वह पढ़ाई नहीं कर पाई। कुछ दिनों से परेशान चल रही खुशी ने उस वक्त फांसी लगा ली जब मां भागवत कथा सुनने गई थी। भाइयों ने उसे फंदे से उतारा और एमवाय अस्पताल में भर्ती किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। मामा चंद्रप्रताप परमार के मुताबिक डाक्टरों ने उपचार में लापरवाही की है। खुशी के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था। लेकिन हड़ताल के दौरान ध्यान नहीं दिया और खुशी की मौत हो गई।


ठेकेदार ने फांसी लगाई

लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित निरंजनपुर में रहने वाले ठेकेदार गुमानसिंह चौहान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एएसआइ के मुताबिक गुमान का पत्नी से विवाद हो गया था। वह गुस्से में छोड़ कर चली गई और अवसाद में गुमान ने फांसी लगा ली। इसी तरह तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित माचला में रहने वाली 38 वर्षीय मीरा बाई ने भी फांसी लगा कर जान दे दी।

Posted By: gajendra.nagar

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