इंदौर। दस दिवसीय चक्रधर समारोह के अंतर्गत रविवार को शहर की ख्यात नृत्यांगना रागिनी मक्खर ने एकल प्रस्तुति दी। इसके अलावा नादयोग गुरुकुल के कलाकारों द्वारा युगल प्रस्तुतियां दी गई। 22 अगस्त से शुरू हुआ चक्रधर समारोह इस बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जा रहा है। 31 अगस्त तक जारी रहने वाले इस समारोह में नृत्य की विविध विधाएं देखने को मिल रही हैं।

रागिनी मक्खर ने अपनी एकल प्रस्तुति का प्रारंभ तीन ताल में निबद्घ ओंकारं बिंदु संयुक्तम्‌ से किया। इसके बाद पारंपरिक ठाट, आमद, अनाघात की तत्कार, घरानेदार बंदिशों की प्रस्तुति दी। ताल सूलताल में निबद्घ शिव स्तुति से उन्होंने अपनी प्रस्तुति का समापन किया। नादयोग गुरुकुल की कलाकार तानिया मंडलोई और पलक शर्मा ने युगल प्रस्तुति दी। जिसमें उन्होंने घरानेदार बंदिशें, तोड़े-टुकड़े, पायल मोरी बाजे ठुमरी प्रस्तुत करने के बाद तराने से अपनी प्रस्तुति का समापन किया। अंत में नादयोग गुरुकुल के कलाकार नताशा सरस्वती, गौतम सिंह राज, तानिया मंडलोई, पलक शर्मा और खुशी सिंह ने ग्रुप प्रस्तुति दी। जिसमें उन्होंने पद्मश्री तालयोगी पं. सुरेश तलवलकर द्वारा तीन ताल में निबद्घ डिम डिम डम डमरू बाजे की खूबसूरत प्रस्तुति दी। इसमें कलाकारों ने शिव के सत्यम्‌ शिवम्‌ सुंदरम्‌ रूप को साकार किया।

इस प्रस्तुति में हारमोनियम पर चिन्मय कोल्हाटकर, तबले पर चारुदत्त फड़केऔर अजिंक्य जोशी ने सधा हुआ साथ दिया। संगीत संयोजन पद्मश्री पंडित सुरेश तलवलकर ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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