इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। देह व्यापार मामले में मुंबई गई विशेष जांच टीम (एसआइटी) मंगलवार को लौट आई। एसआइटी को आरोपित मामून और बबलू के साथी तो नहीं मिले लेकिन फर्जी आधार कार्ड और खातों की जानकारी मिल गई। आरोपितों ने बांग्लादेशी होने के बावजूद विभिन्न नामों से भारतीय पहचान पत्र बनवा लिए थे।

विजय नगर थाना पुलिस मामून उर्फ मामनूर उर्फ विजय दत्त और उसके साथी बबलू उर्फ पलाश से रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है। इसी दौरान टीम दोनों को नालासोपारा (मुंबई) ले गई जहां से वह देह व्यापार का पूरा नेटवर्क संचालित करता था। आरोपितों को ले जाने के पहले उसके सहयोगी फरार हो गए। रुबी, जियाउल, माया आदि की जानकारी ली लेकिन कोई नहीं मिला। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि विजय महिलाओं के जरिए ही फर्जीवाड़ा और तस्करी करता था। फर्जी आइडी बनाने के लिए माया विश्वास नामक शादीशुदा महिला का सहारा लिया। उससे शादी की और उसके पिता के दोस्त विमल दत्त का बेटा बन फर्जी आधार कार्ड व पासपोर्ट बनवा लिया। इसके बाद रुबी नामक महिला के माध्यम से देहव् यापार का धंधा शुरू कर दिया।

फर्जी आइडी में पिता और पति के रूप में दर्ज है नाम

आरोपित बबलू से जब्त आइडी भी फर्जी निकली। उसमें उसका नाम किसी के पति तो किसी के पिता के रूप में दर्ज है। कुछ आइडी में तो युवतियों के पास मिले आधार, पेन कार्ड में पति के रूप में बबलू का नाम जुड़ा है। आरोपित विजय दत्त उर्फ मोमिनुल के पासपोर्ट में पिता का नाम विमल दत्त, मां अम्बिका दार व पत्नी का नाम ज्योत्सना दत्त लिखा है। कुछ आइडी में विजय दत्त का पता अलकापुरी मुंबई नालासोपारा दर्ज है जबकि वह मूलत: कछारीपारा बांग्लादेश का रहने वाला है।

Posted By: gajendra.nagar

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