इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Liquor Mafia Indore। शराब ठेकेदार अर्जुन ठाकुर पर दिनदहाड़े हुए गोलीकांड में पकड़ाए दोनों आरोपितों सतीश भाऊ और चिंटू ठाकुर को गुरुवार को विजय नगर थाना पुलिस ने जिला कोर्ट में पेश किया गया। करीब 20 मिनट तक आरोपितगण न्यायाधीश सुरेश यादव के समक्ष सिर झुकाए खड़े रहे। पुलिस ने कोर्ट से यह कहते हुए आरोपितों का रिमांड मांगा कि पूछताछ अभी बाकी है। आरोपितों को दिल्ली लेकर भी जाना है। इस पर कोर्ट ने आरोपितों को 28 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया।

आरोपितों के वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट की जा रही है। आरोपित सतीश भाऊ ने जब सरेंडर किया था तो उसके हाथ पर चोट नहीं थी लेकिन पुलिस ने उसे इतना मारा कि हाथ टूट गया है। वकील ने यह आशंका भी जताई कि पुलिस आरोपितों का एंकाउंटर कर सकती है। कोर्ट ने पुलिस को आरोपितों की नियमित मेडिकल जांच कराने को कहा है।

गौरतलब है कि सोमवार 19 जुलाई को शराब ठेकेदार अर्जुन ठाकुर पर कुछ आरोपितों ने दिनदहाड़े गोली मार दी थी। गोलीकांड में फरार आरोपित सतीश भाऊ और चिंटू ठाकुर ने बुधवार को सरेंडर कर दिया था। हालांकि पुलिस का दावा है कि उन्हें पकड़ा गया है। गुरुवार दोपहर विजय नगर थाना पुलिस दोनों आरोपितों को लेकर जिला कोर्ट पहुंची। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। आरोपितों के कुछ समर्थक पुलिस से पहले से कोर्ट पहुंच गए थे।

आरोपितों को सीधे प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने आरोपितों को 28 जुलाई तक रिमांड पर सौंपने की गुहार लगाई। आरोपितों की तरफ से एडवोकेट राम बजाड़ गुर्जर ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपितों के साथ पुलिस हिरासत में गंभीर मारपीट की जा रही है। पुलिस ने आरोपित सतीश भाऊ का हाथ तोड़ दिया है। आरोपित चिंटू ठाकुर के शरीर पर भी गंभीर चोट नजर आ रही है। कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि रिमांड क्यों चाहिए। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि प्रकरण में सहआरोपितों की गिरफ्तार होना बाकी है। इस सिलसिले में दोनों आरोपितों को दिल्ली लेकर जाना है। कोर्ट ने पुलिस की गुहार स्वीकारते हुए दोनों आरोपितों को 28 जुलाई तक पुलिस को सौंप दिया।

दो लोग गायब हैं

एडवोकेट बजाड़ गुर्जर ने सुनवाई के दौरान आशंका जताई कि पुलिस आरोपितों का एंकाउंटर कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपित चिंटू ठाकुर के दो रिश्तेदार विक्रम और धम्मू उर्फ धर्मेंद्र गायब हैं। कोर्ट ने कहा कि वे चाहें तो इस संबंध में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका प्रस्तुत कर सकते हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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