Coronavirus Indore News: इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना संक्रमित होने के बाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इलाज करवा रहे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डा. निरंजन श्रीवास्तव की सोमवार को मौत हो गई। जहां अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। कोविड गाइडलाइन के मुताबिक संक्रमित मरीज का शव अस्पताल से सीधे मुक्तिधाम पहुंचाया जाता है, लेकिन अस्पताल की एम्बुलेंस ने प्रोफेसर का शव घर के बाहर रख दिया। ये देखकर बच्चों के धैर्य ने जवाब दे दिया और धहाड़े मारकर रोने लगे। पिता का चेहरा देखना चाहते थे, लेकिन उनके पास तक नहीं जा पाए। वहां परिवार के बाकी सदस्यों के आंसू भी थम नहीं रहते थे। जबकि संक्रमित होने के डर प्रोफेसर को आसपास के रहवासी कंधा भी देने नहीं आए। करीब ढ़ाई घंटों तक शव पार्किंग एरिया में रखा था। बाद में कुछ मित्र और परिजन पहुंचे। फिर उन्होंने दूसरी एम्बुलेंस को बुलाया।

चार दिन पहले डा. श्रीवास्तव को अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ घंटे बाद आइसीयू में बेड मिला और उन्हें शिफ्ट किया। विश्वविद्यालय के कर्मचारी नेता सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि दो दिन से दवाई और अन्य वस्तुएं सर तक पहुंचा रहा था। रात को भी उनकी तबीयत अच्छी थी, लेकिन सुबह संक्रमण अधिक फैलने के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली।

वे बताते हैं कि अस्पताल से एम्बुलेंस ने सुबह 10.35 मिनट पर उन्हें घर छोड़ दिया। पूछने पर भी एम्बुलेंस के ड्राइवर ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में फोन कर दोबारा उसे बुलाया भी। शव को घर के बाहर रखा दिया। इस बीच पारिवारिक मित्र विवेक शरण भी पहुंचे। उन्हें इस हाल में देखकर एमवाय अस्पताल के जिम्मेदारों को फोन कर घटना के बारे में बताया और एम्बुलेंस चालक की लापरवाही बताई। इस पर जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ते दिखे। फिर दूसरी एम्बुलेंस दोपहर 1 बजे पहुंची। बाद में मालवामिल मुक्तिधाम में दोपहर डेढ़ बजे अंतिम संस्कार हुआ।

आटोमेशन प्रोजेक्ट पर कर रहे थे काम

विश्वविद्यालय के इस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट स्टडी (आइएमएस) में डा. श्रीवास्तव पढ़ाते थे। लगभग 28 साल से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे थे। इन दिनों वे विश्वविद्यालय के आटोमेशन प्रोजेक्ट से जुड़े थे, जिसमें परीक्षा-रिजल्ट से संबंधित कार्य को आनलाइन किया जा सके। इस सिलसिले में कई बार राजभवन में प्रेजेंटेशन भी दिया था। दो साल से डा. श्रीवास्तव ने कम्प्यूटर सेंटर का प्रभार संभाल रखा था।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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