इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दिसंबर दूसरे सप्ताह से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय यूजी-पीजी कोर्स की आफलाइन सेमेस्टर परीक्षा करवाने जा रहा है। मगर अभी तक सरकारी और निजी कालेजों ने विद्यार्थियों की बैठक क्षमता के बारे में नहीं बताया है, जिसमें प्रत्येक हाल में कितने छात्र-छात्राएं पेपर दे सकती है। यहां तक उत्तरपुस्तिकाओं की जरूरत का भी उल्लेख नहीं किया है।

कालेजों की लापरवाही से नाराज विवि के अधिकारियों ने प्रबंधन को फटकार लगाई और नोटिस थमाया है। अब कालेजों को अगले 48 घंटों में गुगल फार्म पर जानकारी देना है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण को देखते हुए आफलाइन परीक्षाएं संचालित होगी। 50 प्रतिशत की क्षमता में विद्यार्थियों को हाल में बिठाया जाएगा।

बीबीए, बीसीए तीसरे-पांचवे, एमए, एमकाम, एमएससी, एमएचएससी तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं होना है। यूजी की जहां 16 दिसंबर और पीजी की 22 दिसंबर से पेपर शुरू होंगे। विश्वविद्यालय ने परीक्षा को लेकर समय सराणी जारी कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 22 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मलित होंगे। लगभग 90-95 कालेजों को केंद्र बनाया है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने 30 नवंबर तक कालेजों से बैठक क्षमता और उत्तरपुस्तिकाओं की जानकारी मांगी थी। मगर कालेजों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। 2 दिसंबर को नोटिस देकर जानकारी भेजने के निर्देश दिए है। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि 100-150 विद्यार्थियों के लिए एक केंद्र निर्धारित किया जाएगा।

आनलाइन की उठी मांग

संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के चलते अब छात्र संगठन आफलाइन परीक्षा का विरोध शुरू हो चुका है। छात्रनेताओं ने आनलाइन परीक्षा पर जोर दिया है। राष्ट्रीय छात्र संगठन और एनएसयूआइ ने प्रदर्शन किया है। रेक्टर डा. अशोक शर्मा और प्रभारी कुलसचिव अनिल शर्मा को ज्ञापन सौंपा है। छात्रनेताओं का कहना है कि संक्रमण बढ़ने से विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई है। इसके चलते आनलाइन परीक्षा करवाई जाएगी। मामले में रेक्टर डा. अशोक शर्मा ने कहा कि परीक्षा संबंधित नए दिशा-निर्देश के लिए उच्च शिक्षा विभाग के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

Posted By: Sameer Deshpande

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